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आशाराम चौधरी: बेटे के कॉलेज की बिल्डिंग देखकर क्या बोले कचरा बीनने वाले उसके पिता

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Asharam Choudhary

जोधपुर। मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले आशाराम चौधरी ने गरीबी से लड़कर जो मुकाम हासिल किया है, वो काबिले तारीफ है। कूड़ा बीनने वाले के बेटे आशाराम चौधरी ने पहली बार में ही बिना किसी कोचिंग के एम्स का मेडिकल एग्जाम पास कर लिया। सोमवार को उन्होंने अपने सपने की तरफ पहला कदम बढ़ाया जब वो एम्स जोधपुर में दाखिला लेने पहुंचे। इस मौके पर माइनिंग इंस्पेक्टर के अलावा उनके पिता रंजीत सिंह भी साथ में मौजूद थे। बेटे को इतने बड़े संस्थान में पढ़ता देख रंजीत सिंह खुशी से गदगद हो गए।

बेटे को इतने बड़े संस्थान में पढ़ता देख खुश हुए पिता

बेटे को इतने बड़े संस्थान में पढ़ता देख खुश हुए पिता

एम्स का मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद आशाराम सोमवार को जोधपुर एम्स में एडमिशन लेने पहुंचा। इस मौके पर उनके पिता उनके साथ आए थे। इसके साथ ही देवास कलेक्टर के आदेश पर माइनिंग इंस्पेक्टर रमेश सोलंकी भी साथ में थे। आशाराम के पिता रंजीत सिंह बेटे को इतने बड़े संस्थान में पढ़ता देख काफी खुश थे। कूड़ा बीनने का काम करने वाले रंजीत सिंह ने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा एक दिन इतने बड़े संस्थान में पढ़ेगा। बेटे को लेकर उन्होंने कहा, 'बेटा क्या करेगा, इसका तो नहीं मालूम, लेकिन इतनी बड़ी बिल्डिंग में पढ़ेगा यही देखकर खुश हूं।'

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बिना किसी कोचिंग के पहली बार में किया एंट्रेंस पास

बिना किसी कोचिंग के पहली बार में किया एंट्रेंस पास

देवास से करीब 40 किलोमीटर दूर विजयागंज मंडी के रहने वाले आशाराम ने बड़ी ही मुश्किलों से ये मुकाम हासिल किया है। आशाराम के पिता रंजीत सिंह ने पन्नी और बोतलें बीनकर उन्हें पढ़ाया है। अपने पिता की मेहनत को आशाराम ने भी जाया नहीं जाने दिया और पहले ही प्रयास में बिना किसी कोचिंग के एम्स का एंट्रेंस एग्जाम पास कर लिया। सोशल मीडिया पर उनकी स्टोरी वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें आर्थिक मदद दी। एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान ने खुद ट्वीट कर देवास के कलेक्टर को जल्द से जल्द आशाराम को मदद देने का आदेश दिया।

एम्स जोधपुर भी आया मदद को आगे

एम्स जोधपुर भी आया मदद को आगे

मध्य प्रदेश सरकार के अलावा मुंबई की एक संस्था भी आशाराम की मदद के लिए आगे आई। इतना ही नहीं, सोमवार को जब आशाराम एम्स जोधपुर में दाखिला ले रहे थे, तब डायरेक्टर डॉ. संजीव मिश्रा ने भी उन्हें मदद का आश्वासन दिया। मिश्रा ने आशाराम को कहा कि फर्स्ट ईयर में जरूरी किताबें, लैब कोट और बाकी चीजें उन्हें एम्स की तरफ से मुहैया कराई जाएंगी। आशाराम ने उन्हें मदद करने वाले सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया है।

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English summary
Asharam Choudhary Gets Admission In AIIMS Jodhpur, See What His Father Said After Seeing The Building.
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