केजरीवाल का इस्तीफा देना दुर्भाग्यपूर्ण: अन्ना हजारे

कांग्रेस और भाजपा की लगातार टोकाटाकी के बीच सदन को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई सरकार चलाने से कहीं ज्यादा जरूरी है।
भाजपा और कांग्रेस के विधायकों की नारेबाजी से हो रहे शोरगुल पर हावी होने का प्रयास करते हुए उन्होंने कहा, "चाहे हमारी सरकार सत्ता में रहे या न रहे यह महत्वपूर्ण नहीं है।"
उन्होंने कहा, "हम यहां देश बचाने के लिए आए हैं। देश बचाने के लिए यदि हमें मुख्यमंत्री का पद त्यागना पड़ेगा तो हम ऐसा सौ बार नहीं, हजार बार करेंगे।"
शिखर पर होने वाले भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए लाए गए जन लोकपाल विधेयक को विधानसभा में पेश करने में विफल रहने के बाद केजरीवाल का यह बयान आया। विधानसभा में विधेयक के विरोध में 42 सदस्य थे, जबकि समर्थन में मात्र 27 सदस्य थे। अल्पमत सरकार के मुखिया के तौर पर केजरीवाल ने 28 दिसंबर को दिल्ली की कमान संभाली थी। कांग्रेस ने सरकार को बाहर से समर्थन देने का वादा किया था और अब वह सरकार के खिलाफ है।












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