लोकसभा चुनाव पर वाराणसी से विशेष: केजरीवाल अच्छे तो हैं पर...

दिल्ली की 49 दिनों की अरविंद सरकार में उनके सहयोगी मनीष सिसोदिया का सामना मस्तक पर चंदन लगाए एक दुकानदार से होता है। मोदी का धुर समर्थक यह दुकानदार तपाक से कहता है कि उन्होंने (केजरीवाल ने) नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला लेकर गलती की। उन्हें अपनी जमानत गंवानी पड़ेगी यह समर्थक कहता है कि जब केजरीवाल का कोई चांस ही नजर नहीं आता तो मैं उन्हें वोट क्यों दूंगा? इस धुर समर्थक से सिसोदिया मोदी को समर्थन देने और केजरीवाल को खारिज करने का एक कारण बताने के लिए कहते हैं।
इसका जवाब श्रीकांत पोद्दार नाम के यह कारोबारी देते हुए कहते हैं कि भाजपा मोदी के कारण 300 सीटें जीतेगी और वे बेहतर भविष्य देंगे। सिसोदिया एक दूसरा सवाल दागते हैं आखिर औंधे पौंधे शहर को भाजपा नेता मोदी किस तरह आधुनिक रूप रंग देंगे तो पोद्दार बोल पड़ते हैं, "बेहतर भविष्य क्या होगा? मैं केजरीवाल के खिलाफ नहीं हूं। वे एक अच्छे व्यक्ति हैं। मुस्कुराते हुए सिसोदिया गोदौलिया बाजार के व्यापारियों का समर्थन जुटाने के लिए निकल पड़ते हैं।
रास्ते में कई लोग सिसोदिया को रोकते हैं और उनसे हाथ मिलाते हैं। ऐसे लोग यह महसूस करना चाहते हैं कि यह दिल्ली का पूर्व मंत्री है या कोई और। एक हार्डवेयर दुकानदार से सिसोदिया कहते हैं इस देश का नटवोल्ट ढीला हो गया है। झाड़ू को वोट देकर आप उसे टाइट कर सकते हैं। इस प्रचार अभियान के दौरान ही आईएएनएस से बातचीत करते हुए सिसोदिया कहते हैं कि हम केवल आमने सामने की बातचीत पर भरोसा करते हैं। हमने कई भाजपा समर्थकों का मिजाज बदला है। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार के इस्तीफे से वाराणसी के लोगों में हताशा है। हम लोगों को बताते हैं कि ऐसा करना देश के हित में जरूरी था।












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