जब-जब इन बड़े फैसलों की होगी बात, अरुण जेटली को देश करेगा याद

Recommended Video

    Indian economy के लिए Arun Jaitley के पांच बड़े decisions। वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्‍ली। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का शनिवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में निधन हो गया है। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। एम्स ने एक बयान जारी कर कहा है कि वे बेहद दुख के साथ सूचित कर रहे हैं कि 24 अगस्त को 12 बजकर 7 मिनट पर माननीय सांसद अरुण जेटली अब हमारे बीच में नहीं रहे। अरुण जेटली को 9 अगस्त को एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। एम्स के वरिष्ठ डॉक्टर उनका इलाज कर रहे थे। जेटली हमेशा अपने बेहतरीन कामों के लिए जाने जाएंगे। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अरुण जेटली की बड़ी भूमिका थी। उनके वित्त मंत्री के कार्यकाल में कई ऐसे आर्थिक फैसले लिए गए, जिनके लिए वे हमेशा याद रखे जाएंगे।

    नोटबंदी

    नोटबंदी

    पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के ही कार्यकाल में 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था। इसके तहत पीएम मोदी ने 1000 और 500 रुपए के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद पैदा हुई स्थिति को अरुण जेटली बैंकों के साथ समन्वय करके सुलझाया और नोटबंदी को सफल बनाया।

    जीएसटी

    जीएसटी

    जीएसटी का मतलब है एक राष्ट्र, एक टैक्स। लेकिन इसे लागू करने के लिए अंतिम फैसला लेना आसान नहीं था। पिछली सरकारों में इसपर केवल चर्चा हुई थी, लेकिन हिम्मत अरुण जेटली ने दिखाई थी। आज देश में जीएसटी की गाड़ी सही तरीके से पटरी पर दौड़ रही है, तो इसका श्रेय अरुण जेटली को जाता है। इस नए टैक्स सिस्टम में सभी वस्तुओं के लिए अब अलग-अलग टैक्स नहीं देना पड़ता है। इससे पहले 1991 में अर्थव्यवस्था को लेकर उदारीकरण का बड़ा फैसला लिया गया था। जीएसटी वित्तीय क्षेत्र में सुधार को लेकर सबसे बड़ा कदम है, जिसे लागू करवाने को लेकर अरुण जेटली को हमेशा याद किया जाएगा।

    जनधन योजना

    जनधन योजना

    देश के सभी परिवारों खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से अरुण जेटली के कार्यकाल में 28 अगस्त 2014 को प्रधानमंत्री जनधन योजना शुरू हुई थी। इस योजना तहत लोगों के घर-घर जाकर बैंक खाते खोले गए थे। आंकड़ों के अनुसार, जनधन योजना के तहत अब तक करीब 33 करोड़ जनधन खाते खोले जा चुके हैं। इसमें 50 फीसदी से ज्यादा खाते महिलाओं के हैं।

    आयुष्मान भारत योजना

    आयुष्मान भारत योजना

    मोदी सरकार 'आयुष्मान भारत योजना' को एक बड़ी उपलब्धि बता रही है। इसकी दुनियाभर में तारीफ हो रही है। आयुष्मान भारत योजना को जन आरोग्य योजना के नाम से भी पुकारा जाता है। अरुण जेटली ने 2018-19 के लिए आम बजट पेश करते हुए इस योजना की शुरुआत की थी। इस योजना ने लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी के लिए संजीवनी काम किया। आयुष्मान योजना के तहत आने वाले परिवारों को 5 लाख रु. तक का नकदी रहित (कैशलेस) स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है। सरकार की मानें तो देश में 10 करोड़ परिवारों के 50 करोड़ सदस्यों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसे धरातल पर लाने में जेटली की बड़ी भूमिका थी।

    कैश ट्रांसफर स्कीम

    कैश ट्रांसफर स्कीम

    देश में गरीबों को फायदा पहुंचाने के लिए कई योजनाओं के तहत सब्सिडी दी जा रही थी। इसमें भ्रष्टाचार की बड़ी शिकायतें थीं। तत्कालीन मनमोहन सरकार ने सब्सिडी में हो रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लाभार्थियों को सीधे बैंक खाते में सब्सिडी का पैसा देने की योजना बनाई थी। इस योजना को लागू भी किया गया, लेकिन इसके मनमाफिक परिणाम नहीं मिले। 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद अरुण जेटली के नेतृत्व में इस योजना को कड़ाई से लागू किया गया। आज सभी योजना की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+