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जिस स्कूल में जेटली के बच्चों ने की पढ़ाई, वहीं अपने ड्राइवर-कुक के बच्चों को भी पढ़ाया

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नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली अब हमारे बीच नहीं हैं। शनिवार को दिल्ली के एम्स में उनका निधन हो गया। वो 67 वर्ष के थे और लंबे से बीमार चल रहे थे। जेटली की पहचान एक विद्वान, कानूनी जानकार और अनुभवी राजनेता की रही है। ये उनका कद्दावर व्यक्तित्व ही था कि अपनी पार्टी के साथ-साथ विपक्षी दलों में भी उनकी अच्छी पकड़ थी। अरुण जेटली को लेकर एक और खास बात है कि वो अपने निजी स्टाफ के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए भी अहम भूमिका निभाते थे। इसकी मुख्य वजह ये थी कि वो उनके परिवार को अपना मानते थे। इसका पता इसी बात से चल जाता है कि जिस स्कूल में जेटली ने अपने बच्चों को पढ़ाया, उसी स्कूल में उनके ड्राइवर और रसोइये के बच्चों ने भी पढ़ाई की है।

अपने निजी स्टाफ का पूरा ध्यान रखते थे जेटली

अपने निजी स्टाफ का पूरा ध्यान रखते थे जेटली

अरुण जेटली का ये व्यक्तित्व ही था कि वो अपने परिवार के साथ-साथ खुद से जुड़े हुए निजी स्टाफ के परिवार की देखरेख भी पूरी जिम्मेदारी के साथ उठाते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि वो इन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानते थे। वहीं उनसे जुड़े कर्मचारी भी अरुण जेटली को बड़ी इज्जत देते थे। उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह मानते और उनकी पूरी देखभाल करते थे। अरुण जेटली की हर बात चाहे वो खाने से लेकर दवाई तक सभी का पूरा ख्याल रखा जाता था।

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निजी स्टाफ के बच्चों को विदेश भी पढ़ने के लिए भेजा

निजी स्टाफ के बच्चों को विदेश भी पढ़ने के लिए भेजा

ये अरुण जेटली का बड़प्पन ही था कि चाणक्यपुरी स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में उन्होंने अपने ड्राइवर और कुक के बच्चों को भी पढ़ाया। ये वही स्कूल है जहां से खुद जेटली के बच्चों ने पढ़ाई की थी। यही नहीं अगर किसी कर्मचारी का कोई बच्चा काफी प्रतिभावान होता था और आगे विदेश में पढ़ाई करना चाहता था तो उन्हें विदेश भी भेजने को तैयार रहते थे। निजी स्टाफ के बच्चों को भी विदेश में वहीं पढ़ने भेजा जाता था, जहां जेटली ने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेजा था। उनका पूरा खर्च खुद अरुण जेटली ही उठाते थे। बिजनेस स्टैंडर्ड में छपे एक इंटरव्यू में अरुण जेटली के राजनीतिक सचिव रहे ओम प्रकाश शर्मा ने ये खुलासा किया था।

तीन कर्मचारियों के बच्चे अभी विदेश में कर रहे पढ़ाई

तीन कर्मचारियों के बच्चे अभी विदेश में कर रहे पढ़ाई

अरुण जेटली के ड्राइवर जगन और सहायक पद्म समेत करीब 10 कर्मचारी जेटली परिवार के साथ पिछले करीब तीन दशकों से जुड़े हुए हैं। इनमें से तीन कर्मचारियों के बच्चे अभी विदेश में पढ़ रहे हैं। बताया जाता है कि जेटली के परिवार के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करने वाले जोगेंद्र की दो बेटियों में से एक लंदन में पढ़ रही हैं। संसद में जेटली के साथ हर समय साए की तरह रहने वाले सहयोगी गोपाल भंडारी का एक बेटा डॉक्टर है जबकि दूसरा इंजीनियर है।

जेटली ने सहयोगी के बेटे को गिफ्ट कर दी थी अपनी कार

जेटली ने सहयोगी के बेटे को गिफ्ट कर दी थी अपनी कार

इसके अलावा जिन कर्मचारियों के बच्चे एमबीए या फिर कोई दूसरे प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते थे, उनके लिए भी अरुण जेटली खास ध्या रखते थे। फिर चाहे फीस भरने का मामला हो या फिर नौकरी का। यही नहीं जेटली ने 2005 में अपने सहायक रहे ओपी शर्मा के बेटे चेतन को लॉ की पढ़ाई के दौरान अपनी एसेंट कार तक गिफ्ट कर दी थी।

अरुण जेटली का निधन, देखिए RARE PIctures

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English summary
Arun Jaitley take care of his Support staff: taught driver cook children same school on his children
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