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FRDI बिल पर हंगामे के बीच अरुण जेटली का बड़ा बयान, कहा सुरक्षित है पैसा

By Ankur Singh
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    नई दिल्ली। केंद्र सरकार के फाइनेंसियल रिजोल्यूशन एंड डिपोजिट इंश्योरेंस बिल 2017 को लेकर जिस तरह से हंगामा खड़ा हुआ है, उसपर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सफाई देते हुए कहा है कि बैंकों में लोगों का पैसा पूरी तरह से सुरक्षित हैं। जेटली ने कहा कि बैंकों में लोगों का पैसा आज की मौजूदा स्थिति से कहीं ज्यादा सुरक्षित होगा। लोकसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान बोलते हुए जेटली ने कहा कि लोगों को किसी भी तरह से इस बिल को लेकर डरने की जरूरत नहीं है।

    ज्वाइंट कमेटी में चर्चा करें

    ज्वाइंट कमेटी में चर्चा करें

    अरुण जेटली ने कहा कि जब एफआरडीआई बिल ज्वाइंट कमेटी के सामने आएगा तो इसपर चर्चा करें। जब यूपीए सरकार सत्ता में थी तो 2011 में जी-20 कमिटमेंट किया गया था और इससे पहले 2008 में बड़ी ग्लोबबल क्राइसिस आई थी, उस वक्त लेहमैन पूरी तरह से ढेर हो गया था। एफआरडीआई बिल 2017 को लोकसभा में अगस्त माह में पेश किया गया था, जिसमे बेल इन का प्रावधान था, जिसके बारे में कई विशेषज्ञों का कहना है कि इस नियम की वजह से लोगों के बैंक में जमा पैसे को नुकसान हो सकता है।

    ममता बनर्जी ने भी जताई थी चिंता

    ममता बनर्जी ने भी जताई थी चिंता

    यह बिल मौजूदा समय में ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के पास है, जहां इसकी समीक्षा हो रही है। लेकिन इस बिल के खिलाफ कई लोगों ने खुलकर बयान दिया है, पश्चिम बंगाल की मुख्यममंत्री ममता बनर्जी ने भी इस बिल में बेल इन प्रावधान पर सवाल खड़े किए थे और वित्त मंत्री जेटली को इस बाबत पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की थी। जेटली ने बेल इन प्रावधान पर सफाई देते हुए कहा कि कमेटी में काफी जानकार लोग हैं जोकि इसके लिए कुछ सुझाव देंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे, हम किसी भी सुझाव के लिए खुले हैं, हम लोगों को इस स्तर की सुरक्षा मुहैया कराना चाहते हैं जोकि मौजूदा समय से भी कहीं बेहतर हो। आपको बता दें कि एफआरडीआई बिल तमाम वित्तीय संस्थाओं, जिसमे बैंक, इंश्योंरेंस कंपनी, गैर बैंकिंग वित्ती सेवाओं, स्टॉक एक्सचेंज के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसका मुख्य मकसद है कि बैंकों को दिवालिया होने से बचाया जाए।

    देश की अर्थव्यवस्था बेहतर

    देश की अर्थव्यवस्था बेहतर

    जीडीपी के आंकड़ों के बारे बोलते हुए जेटली ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी जैसे आर्थिक सुधार के चलते शुरुआती चरण में विकास दर में गिरावट आती है। वर्ष 1991 के आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए जेटली ने कहा कि उस वक्त भी जीडीपी में गिरावट आई थी। जीएसटी के आने के बाद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में पहले क्वार्टर में गिरावट आई थी, लेकिन बाद में धीरे-धीरे यह पटरी पर आने लगा। जेटली ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 7-8 फीसदी की दर से आगे बढ़ रही है और महंगाई नियंत्रित है। निर्यात में भी बेहतर होने लगा है। नवंबर माह में 30 फीसदी निर्यात हुआ था, जबकि यह सितंबर-अक्टूबर माह में 26 फीसदी था।

    पीएम के बयान पर हंगामा

    पीएम के बयान पर हंगामा

    इससे पहले विपक्ष ने सरकार पर नोटबंदी और जीएसटी को लेकर आड़े हाथों लिय़ा था, देश की अर्थव्यवस्था के चरमराने का भी दावा किया था। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि विकास दर नीचे आ गई है और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। इससे पहले सदन से कांग्रेस के नेताओं ने वॉकआउट कर दिया था, इन लोगों ने पीएम मोदी द्वारा मनमोहन सिंह पर दिए बयान के चलते सदन में जमकर हंगामा किया और सदन से वॉकआउट किया।

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    English summary
    Arun Jaitely says FRDI will protect depositors money safer than ever. He says let the bill come to joint committee and please discuss there.

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