Article 370: क्या है जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के हटाए जाने की पूरी कहानी, पढ़ें अब-तक क्या-क्या हुआ?
Article 370 Timeline: जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की वैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 11 दिसंबर 2023 को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 पर केंद्र सरकार का फैसला बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्टिकल 370 अस्थायी था और इतने सालों बाद इसपर बहस ठीक नहीं है। संसद ने जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को 5 अगस्त 2019 को खत्म कर दिया था। जिसके बाद राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दो हिस्सों में बांट दिया गया था। तो आइए जानें केंद्र के नरेंद्र मोदी सरकार के 2014 में आने के बाद से धारा 370 को लेकर क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।

Article 370: आर्टिकल 370 के हटाए जाने की पूरी टाइमलाइम
- मार्च 2015 में जम्मू-कश्मीर में पहली बार बीजेपी ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ सरकार बनाई थी। अप्रैल 2016 में महबूबा मुफ्ती अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद के बाद मुख्यमंत्री बनीं।
- जुलाई 2016 में सैन्य बलों के साथ गोलीबारी में एक और युवा आतंकवादी बुरहान वानी मारा गया। जम्मू-कश्मीर राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। कई महीनों तक कर्फ्यू लगा रहा। सितंबर 2016 में सशस्त्र आतंकवादियों ने उरी, जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के शिविर पर हमला किया। सेना ने जवाबी कार्रवाई में नियंत्रण रेखा के पार हमला किया।
- इसी बीच 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि संविधान सभा की सिफारिश के बाद ही अनुच्छेद 370 खत्म किया जा सकता है।
- जुलाई 2017 में बुरहान वानी की मौत को याद करते हुए जम्मू-कश्मीर में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। आतंकवादियों ने प्रसिद्ध हिंदू तीर्थस्थल अमरनाथ जाने वाले यात्रियों पर घात लगाकर हमला किया था।
- भाजपा प्रशासन ने जून 2018 में पीडीपी के साथ अपना गठबंधन खत्म कर दिया था।
- राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने नवंबर 2018 में विधानसभा भंग कर दी थी।
- दिसंबर 2018 में राज्य का केंद्रीय शासन घोषित किया गया था।
- 19 दिसंबर 2018 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगाने की उद्घोषणा जारी की।
- जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन 2 जुलाई 2019 को खत्म होने वाली थी लेकिन इसे 3 जुलाई 2019 से इसे छह महीने तक बढ़ा दिए गए थे।
- फरवरी 2019 में भारतीय अर्धसैनिक बल के काफिले पर हमला किया गया था। जिसमें 40 जवानों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान के बालाकोट क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के पार, भारत ने आतंकी ठिकानों पर जवाबी हमले किए। पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के एक पायलट को अगवा कर लिया और फिर रिहा कर दिया।
- 2019 में ही राष्ट्रपति ने 'संविधान सभा' के अर्थ में संशोधन का आदेश जारी किया था।
- भारत में भाजपा को मई 2019 में दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में भारतीय सैनिक तैनात किए गए हैं। अमरनाथ तीर्थयात्रियों ने अनुरोध किया गया कि वो लौट जाए। तीर्थयात्रा पथ पर पाकिस्तानी निशान वाली बारूदी सुरंग लगाई गई थी।
- अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित प्रमुख कश्मीरी नेताओं को नजरबंद कर दिया गया था। धारा 144, जो सार्वजनिक स्थानों पर चार से अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाती है, इंटरनेट और सेलफोन सर्विस को प्रतिबंधित करते हुए अधिनियमित की गई थी।
- 5 अगस्त 2019 को गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 और 35A को रद्द करने के लिए राष्ट्रपति के आदेश की मांग की। जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया, लद्दाख (केंद्रीय रूप से प्रशासित) और जम्मू-कश्मीर (स्थानीय रूप से इसकी विधान सभा के साथ प्रशासित)।
- 28 अगस्त 2019 को राष्ट्रपति के आदेश की संवैधानिकता को 5 जजों की बेंच के पास भेजा गया था।
- 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले को बड़ी संविधान पीठ को सौंपने से इनकार कर दिया था।
- 3 जुलाई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 को चुनौती देने वाली याचिकाओं चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली नई संविधान पीठ को सौंप दिया था।
- नई संविधान पीठ ने 11 जुलाई 2023 को आगे के निर्देशों के लिए मामले पर सुनवाई हुई।
- अगस्त 2023 में 16 दिनों की मैराथन सुनवाई हुई थी।
- 5 सितंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
- 11 दिसंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट इसपर फैसला सुनाने वाला है।
- सुप्रीम कोर्ट ने 11 दिसंबर को आर्टिकल 370 पर केंद्र सरकार का फैसला बरकरार रखा।












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