Arpan Rath: बामरा के सरपंचों ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप, अर्पण रथ कार्यक्रम से खुद को किया अलग
Sambalpur: ओडिशा के संबलपुर में अर्पण रथ (श्रीमंदिर परिक्रमा रथ ) कार्यक्रम को लेकर सरपंच संघ ने स्थानीय प्रशासन पर बड़े आरोप लगाए हैं। बमरा में 17 पंचायतों के सरपंचों ने कहा है कि गांव के कामकाज में सहयोग के बजाय विकास कार्यों में बाधा डाली जा रही है। उन्होंने स्थानी प्रशासन पर आरोप लगाया कि विरोध के माहौल में सरपंचों की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
ओडिशा के संबलपुर जिले के बामरा में सरपंचों ने अर्पण रथ कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। इस हफ्ते मंगलवार को बामरा के 17 सरपंचों ने एक स्वर में कहा कि स्थानीय प्रशासन उनकी उनकी उपेक्षा कर रहा है। सरपंच संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें पहल से संबंधित सक्रिय भागीदारी और निर्णय लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।

बामरा सरपंच संघ के अध्यक्ष बिमल लाकड़ा ने कहा, "हमें कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले सोमवार शाम को परिक्रमा रथ के आगमन की सूचना दी गई। आयोजन से संबंधित किसी भी चर्चा में कोई भी सरपंच शामिल नहीं था। यह पहली बार नहीं है जब हमें नजरअंदाज किया गया है। इससे पहले कई सरकारी परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान प्रशासन ने हमारी अनदेखी की और हमारा सुझाव माने बगैर आगे बढ़ गए। चूंकि इस व्यवहार से हमारी गरिमा को ठेस पहुंची, इसलिए हमने परिक्रमा रथ कार्यक्रम में भाग नहीं लेने का फैसला किया।"
वहीं स्थानीय सूत्रों के मुताबिक संबलपुर जिले के विभिन्न ब्लॉकों को कवर करने के बाद, अर्पण रथ 17 जनवरी को पुरी जगन्नाथ मंदिर हेरिटेज कॉरिडोर परियोजना के उद्घाटन से पहले चावल और सुपारी इकट्ठा करने के लिए मंगलवार से बामरा में निकला। मंगलवार और बुधवार को किसी भी सरपंच ने जुलूस में भाग नहीं लिया। सरपंचों ने पंचायतों में कई विकासात्मक परियोजनाओं के लिए आवंटित धन के उपयोग में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि उनका बहिष्कार न केवल उन्हें हाशिए पर और उपेक्षित महसूस करा रहा है, बल्कि स्थानीय शासन के प्रभावी कामकाज में भी काफी बाधा डाल रहा है। संपर्क करने पर बामरा ब्लॉक विकास अधिकारी (BDP) पुष्पक प्रधान ने कहा कि परिक्रमा रथ कार्यक्रम के बारे में गलत सूचना फैलने के कारण गलतफहमी हुई है।












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