सेना प्रमुख जनरल नरवणे बोले- LOC पर फरवरी से गोलीबारी नहीं हुई, चीन के मुद्दे को बातचीत जरिए सुलझाने की जरूरत
सेना प्रमुख जनरल नरवणे बोले- LOC पर फरवरी से गोलीबारी नहीं हुई, चीन के मुद्दे को बातचीत जरिए सुलझाने की जरूरत
नई दिल्ली, 20 अप्रैल: भारतीय सेना के प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की सेनाएं फरवरी 2021 से युद्धविराम समझौते का पालन करने के लिए सहमत हुई थीं, इसलिए फरवरी के बाद से नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर कोई गोलीबारी नहीं हुई है। भारत और चीन के सीमा विवाद पर सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा कि चीन के मुद्दे को वार्ता और बातचीत के जरिए सुलझाने की जरूरत है। ऑस्ट्रेलियाई सेना द्वारा आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करते हुए जनरल एमएम नरवणे ने कहा, भारत के पास 15,000 किलोमीटर से अधिक की भूमि सीमा पर है। पाकिस्तान के साथ हमारे पश्चिम और चीन के साथ उत्तर और पूर्व में हमारी सक्रिय और असुरक्षित सीमाएं हैं, जो भारत के लिए निश्चित रूप से हमेशा से एक चुनौती रही है। समय के साथ हमने इन चुनौतियों को दूर करने और आगे बढ़ने के लिए कई काम किए हैं। लेकिन किसी भी राष्ट्र की प्रगति और विकास और उसकी नागरिकता की भलाई, काफी हद तक, शांति में है।''
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ऑस्ट्रेलियाई सेना ने सोमवार (19 अप्रैल) को एक सेमिनार का आयोजन किया था। जिसमें ऑस्ट्रेलियाई, इंडोनेशिया, सिंगापुर और जापानी सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए थे। जनरल एमएम नरवणे ने यहां सीमा विवाद को लेकर संबोधित करते हुए कहा, 'आपसी मुद्दों और मतभेदों को आपसी सहमति और बातचीत के माध्यम से हल करने की जरूरत है। न कि एकतरफा कार्रवाई करके।' उन्होंने कहा कि पैंगोंग लेक इलाके में एलएसी से दोनों देशों की सेनाओं का पीछे हटना भारत और चीन के रिश्तों में सकारात्मक कदम है। सेना प्रमुख जनरल नरवणे का ये बयान ऐसे वक्त आया है, जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में 11 महीने से सीमा गत्तिरोध बना हुआ है।
सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने कहा कि भारत में चीन के राजदूत सुन वीडोंग ने हाल ही में कहा है कि टकराव को टालते हुए दोनों देशों (भारत और चीन) की सीमा पर शांति और यथास्थिति बनी रहनी चाहिए। यही बात दोनों देशों के भविष्य के रिश्ते की आधार बनेगी।
सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने पाकिस्तान पर बोलते हुए कहा कि फरवरी में दोनों देशों ने सीमा के लिए नया संघर्षविराम समझौता किया है। बता दें कि फरवरी में पहले भारत और पाकिस्तान ने सीमा पर युद्धविराम की घोषणा करते हुए कहा था कि 2003 के युद्धविराम समझौते पर पूरी तरह से अमल में लाया जाएगा।












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