पंजाब कांग्रेस में सब ठीक नहीं, एक्टिव हुआ CM अमरिंदर विरोधी गुट, सिद्धू के साथ हुई मीटिंग
चंडीगढ़, 8 मई। पंजाब कांग्रेस में सब ठीक नहीं चल रहा है। राज्य में विधानसभा चुनावों में मुश्किल से अब एक साल बचा है लेकिन उसके पहले ही पार्टी का एक गुट सीएम अमरिंदर के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में लगा हुआ है। इस गुट की अगुवाई कैप्टन के खुले आलोचक नवजोत सिंह सिद्धू कर रहे हैं। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि सिद्धू ने कुछ मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक की है जिसके बाद राज्य में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू अब तक अकेले ही पंजाब सीएम के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। हालांकि उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रमुख प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शमशेर सिंह दुल्लो का भी साथ मिल रहा है।
दो मंत्रियों के साथ सिद्धू की बैठक
अब सिद्धू पार्टी में कैप्टन के खिलाफ मूड वाले लोगों का मूड भापने में जुट गए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू ने कम से कम दो मंत्रियों से मुलाकात की है जिनमें कोऑपरेशन और जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा और दूसरे तकनीकी शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री चरनजीत चन्नी हैं।
इस मीटिंग में विधायक प्रताप सिंह बाजवा के भाई फतेह जंग सिंह बाजवा के साथ ही कुशलदीप सिंह ढिल्लन, बलविंदर लड्डी और बरिंदरमीत सिंह पाहरा भी मौजूद थे।
सूत्रों के मुताबिक सिद्धू के साथ हुई इस मीटिंग में फैसला हुआ है कि अमरिंदर सिंह पर दबाव बनाया जाएगा कि सीएम बरगाड़ी बेअदबी मामले में अपराधियों को पकड़ने और कोटकपुर के पुलिस फायरिंग के मामलों को दर्ज करने और ड्रग माफियाओं पर शिकंजा कसने को लेकर फैसला लें। पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी ने इन मामलों को मुख्य मुद्दा बनाया था।
कैप्टन से नाराज चल रहे रंधावा
राज्य मंत्री सुखजिंदर रंधावा को मुख्यमंत्री से नाराज बताया जाता है। खबर आई थी कि सीएम अमरिंदर ने कैबिनेट मीटिंग के दौरान उन्हें उठाया था। रंधावा ने बैठक के दौरान ही कागज के टुकड़े पर अपना इस्तीफा लिखकर अमरिंदर सिंह को सौंप दिया था। हालांकि मुख्यमंत्री ने इसे फाड़ दिया था।
रिपोर्ट के मुताबिक सीएम अमरिंदर के खिलाफ 38 विधायकों और मंत्रियों का एक समूह पार्टी आलाकमान को संदेश देने के लिए एक साथ आया है।












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