आंध्र प्रदेश: CID ने अमरावती भूमि मामले में रद्द याचिकाओं पर सुनवाई फिर से शुरू करने की अपील
आंध्र प्रदेश सीआईडी अमरावती भूमि आवंटन मामले की जांच कर रही है। सीआईडी ने ताजा सबूतों के मद्देनजर रद्द याचिकाओं में सुनवाई फिर से शुरू करने के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष दो याचिकाएं दायर की हैं। माना जा रहा है कि हाई कोर्ट सीबीआई की दोनों याचिकाओं पर 16 अक्टूबर को सुनवाई कर सकती है। वहीं सीबीआई को जो ताजा सबूत मिले हैं उसके आधार पर इस केस में शामिल लोगों पर जल्द शिकंजा कसेगी।

सूत्रों के अनुसार पूर्व नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास (एमएयूडी) मंत्री पी नारायण की भाभी पोंगुरु कृष्णप्रिया ने स्वेच्छा से एक विजुअल और ऑडियो में बयान भेजा है, जिसमें बताया है कि कैसे पूवी मंत्री और केस के आरोपी नारायण ने 2019 से पहले टीडीपी के कार्यकाल के दौरान राजधानी क्षेत्र के 29 गांवों के किसानों से आवंटित जमीनें अवैध तरीके से सौंपी और खरीदीं गई
बता दें जमीन पूर्व मंत्री नारायण के रिश्तेदारों और उनके कर्मचारियों और बिचौलियों की सहायता से एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के किसानों को कथित तौर पर धमकी देकर खरीदी गई थी, ये कहा गया था कि जमन राज्य सरकार के स्वामित्व में और वो जमीन पर कब्जा कर लेगी।
वाईएसआरसीपी विधायक अल्ला रामकृष्ण रेड्डी ने जो एफआईआर दर्ज करवाई हैउसके अनुसार सीआई ने मार्च 2021 में आईपीसी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आंध्र प्रदेश निर्दिष्ट भूमि हस्तांरण पर प्रतिबंध के तहत मामला दर्ज किया गया था।
बता दें इस मामले में टीडीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू को मुख्य आरोपी बनाया है और नारायण को भी दोषी बनाया गया है। इसके अलावा इनर रिंग रोड (आईआरआर) मामले की भी जांच सीआईडी कर रही है इसमामले में अन्य व्यक्तियों और कंपनियों के साथ चंद्रबाबू नायडू और नारायण के नाम जिक्र किया है।
गौरतलब है कि कथित आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) घोटाले में टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को न्याययिक हिरासत के तहत राजामहेंद्रवरम केंद्रीय जेल में रखा गया है।












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