Disturbing PICS: आंध्रा बस में लगी आग, 45 मरे

इस हादसे में ड्राइवर और सफाईकर्मी समेत सात लोगों की जान बच गई। हालांकि वो भी काफी हद तक जल गये हैं। सभी सात लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि बस में कुल 50 यात्री सवार थे। पुलिस अधीक्षक नागेंद्र कुमार के अनुसार सिर्फ 29 यात्रियों की सूची ही मिल पायी है। यह वो सूची है जो बैंगलोर में तैयार की गई थी, जबकि हिन्दूपुर और अनंतपुर से सवार लोगों की कोई सूची या नाम नहीं हैं।
जली हुई बस से शवों के निकाले जाने का काम दोहपर ढाई बजे तक जारी था। तब तक जो शव निकाले गये, उनकी पहचान करना बेहद मुश्किल है, क्योंकि चेहरे बुरी तरह झुलस गये हैं। कईयों के बस में कंकाल मिले हैं। शवों को बैंगलोर-हैदराबाद हाईवे पर एक टेंट लगाकर रखे गये हैं। सभी शव बेहद जले हुए हैं, जिनकी तस्वीरें आप देख सकते हैं। पुलिस ने चार हेल्पलाइन नंबर -9494600100, 08542-245927, 245930, 245932 जारी किए हैं।

यात्रियों की कुल संख्या
शुरुआत में बस में यात्रियों की संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति थी। परिवहन मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने हैदराबाद में संवाददाताओं को मृतकों की संख्या 45 बताई है। उन्होंने बताया कि जब्बार ट्रैवल्स की वाल्वो बस में 43 लोगों के बैठने की क्षमता थी लेकिन उसमें 50 लोग सवार थे।

जान बचाने का नहीं मिला मौका
घटना के दौरान यात्री सो रहे थे, इसलिए उन्हें अपनी जान बचाने को कोई मौका नहीं मिला। अत्यधिक झुलस जाने की वजह से उनकी पहचान मुश्किल हो गई है। पास के ग्रामीणों के मुताबिक, बस कुछ ही मिनटों में राख में तब्दील हो गई। पहली एंबुलेंस लगभग एक घंटे बाद पहुंची।

कुछ लोग शीश तोड़कर निकले
घटना में जिंदा बचे एक यात्री ने बताया कि कुछ लोगों ने बाहर निकलने के लिए शीशा तोड़ा, लेकिन अन्य लोग उतने भाग्यशाली नहीं थे। उसने बताया कि बस का दरवाजा बंद था, जिससे कई यात्रियों को बाहर जाने का रास्ता नहीं मिल पाया।

क्या कहा परिवहन मंत्री ने
पुलिस की प्राथमिक जांच के अनुसार दुर्घटना बस के तेज रफ्तार में होने की वजह से हुई थी। परिवहन मंत्री ने कहा कि वाल्वो बसों की गति की कोई सीमा नहीं होती है। बोत्सा ने कहा कि बस द्वारका रोड लाइन्स के नाम से अनंतपुर जिले में दर्ज है और जब्बार ट्रैवल्स ने इसे लीज पर लिया था।

कंकाल बन चुके हैं शव
ज्यादातर शव बुरी तरह झुलस गये हैं, तो कई कंकाल बन गये हैं। पुलिसकर्मियों और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मृतकों के जले हुए शवों को निकाल कर बेंगलुरू-हैदराबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर घटनास्थल के नजदीक बनाए गए टेंट में रखा है। हैदराबाद के फोरेंसिक विशेषज्ञ इन शवों की पहचान के लिए इनका डीएनए परीक्षण करेंगे।

घबराए रिश्तेदार
महबूबनगर के जिलाधिकारी एम.गिरिजा शंकर ने कहा कि पांच यात्रियों को हैदराबाद के डीआरडीओ अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। कुछ यात्रियों के घबराए हुए रिश्तेदार उनकी जानकारी के लिए जब्बार ट्रैवल्स के कार्यालय में पहुंचे हैं। हालांकि, इसके पास यात्रियों की कोई सूची या अन्य जानकारी नहीं है।

पीएम, सीएम दु:खी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.किरण कुमार रेड्डी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को इस संदर्भ में पूरी जांच पड़ताल कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रेड्डी और आंध्र प्रदेश के अन्य नेताओं ने इस घटना पर हैरानी और शोक प्रकट किया है।

महबूबनगर में हुई दुर्घटना
आंध्र प्रदेश के महबूबनगर जिले में एक वातानुकूलित बस में आग लग जाने से बुधवार तड़के इसमें सवार 45 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।

सम्पन्न परिवारों से मृतक
बेंगलुरू से हैदराबाद आ रही बस में महबूबनगर जिले के कोट्टाकोटा मंडल में पालेम के नजदीक सुबह लगभग 5.20 बजे पुलिया से टकरा जाने के बाद आग लग गई थी।

ड्राईवर को कोई चोट नहीं आयी
हादसे में चालक एवं सफाईकर्मी सहित सात लोगों की जान बच गई। घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चालक और सफाईकर्मी को किसी तरह की चोट नहीं आई है, और पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

घटना के वक्त का मंजर
बस का दरवाजा बंद था, जिससे कई यात्रियों को बाहर जाने का रास्ता नहीं मिल पाया। घटना में जिंदा बचे एक यात्री ने बताया कि कुछ लोगों ने बाहर निकलने के लिए शीशा तोड़ा, लेकिन अन्य लोग उतने भाग्यशाली नहीं थे।

यात्रियों की मौत
आंध्र प्रदेश के महबूबनगर जिले में एक वातानुकूलित बस में आग लग जाने से बुधवार तड़के 45 यात्रियों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए।

पुलिया से टकरा गई
बेंगलुरू से हैदराबाद आ रही निजी बस में महबूबनगर जिले के कोट्टाकोटा मंडल में पालेम के नजदीक सुबह लगभग 5.20 बजे एक पुलिया से टकरा गई और उसके बाद उसमें आग लग गई।

मौका नहीं मिल पाया
जिस समय हादसा हुआ उस समय यात्री बस में सोए हुए थे जिससे किसी को भी जान बचाने के लिए भागने का मौका नहीं मिल पाया। इस हादसे में मारे गए लोगों की पहचान करना भी मुश्किल है।

डीजल की टंकी
महबूबनगर के पुलिस अधीक्षक नागेंद्र कुमार ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि डीजल की टंकी के फट जाने से बस में फौरन आग लग गई।

डीएनए नमूने
पुलिस ने मृतकों के रिश्तेदारों को डीएनए नमूने देने के लिए आंध्र प्रदेश फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला संपर्क करने के लिए कहा है।

वाल्वो बस
परिवहन मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने हैदराबाद में संवाददाताओं को मृतकों की संख्या 45 बताई है। उन्होंने बताया कि जब्बार ट्रैवल्स की वाल्वो बस में 43 लोगों के बैठने की क्षमता थी लेकिन उसमें 50 लोग सवार थे।

दुर्घटना
पुलिस की शुरुआती जांच में यह पता चला है कि दुर्घटना का कारण तेज गति थी। पुलिस ने जब्बार ट्रेवल्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसके प्रबंधक को हिरासत में ले लिया है।

दुर्घटना
महबूबनगर के जिलाधिकारी एम गिरिजा शंकर ने कहा कि पांच यात्रियों को हैदराबाद के डीआरडीओ अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

सीएम दु:खी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन.किरण कुमार रेड्डी ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को इस संदर्भ में पूरी जांच पड़ताल कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।












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