एवरेस्ट फतह करने वाली दिव्यांग महिला अरुणिमा को महाकाल मंदिर में रोका, कपड़ों पर जताई आपत्ति
उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं अरुणिमा को उनके कपड़ों के चलते दो बार रोका गया और गर्भगृह में भी नहीं जाने दिया। मंदिर में अरुणिमा की दिव्यंगता का भी मजाक बनाया गया।
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उज्जैन। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने वालीं दुनिया की पहली दिव्यांग महिला अरुणिमा सिन्हा को एक मंदिर में दर्शन करने के लिए इतनी मेहनत करनी पड़ी, जितनी उन्होंने पहाड़ चढ़ने में नहीं की थी। उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं अरुणिमा को उनके कपड़ों के चलते दो बार रोका गया और गर्भगृह में भी नहीं जाने दिया। मंदिर में अरुणिमा की दिव्यंगता का भी मजाक बनाया गया।

कपड़ों के कारण अंदर जाने से रोका
अरुणिमा सिन्हा उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में अपनी दो सहियोगियों के साथ दर्शन करने के लिए गईं थीं। जब वो मंदिर में दर्शन के लिए जानें लगीं तो अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया। मंदिर अधिकारियों का कहना था कि उन्होंने ठीक कपड़े नहीं पहने हैं। अरुणिमा ने एनडीटीवी को बताया, 'उन्होंने मुझे कपड़ों के कारण रोका। मैंने लोअर और जैकेट पहना हुआ था। मैंने उन्हें बताया कि मेरा एक पैर कृत्रिम है और मैं केवल एक मिनट में दर्शन कर के लौट आउंगी लेकिन उन्होंने मुझे फिर भी नहीं जाने दिया।'

ट्विटर पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
अरुणिमा ने कहा कि उन्हें इतनी तकलीफ पहाड़ चढ़ने में भी नहीं आई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा, 'मुझे आपको ये बताते हुए बहुत दुख है कि मुझे ऐवरेस्ट जाने में इतना दुख नहीं हुआ जितना मुझे महाकाल मंदिर उज्जैन में हुआ। वहां मेरी दिव्यंगता का मजाक बना।'

गृहमंत्री ने जिला प्रशासन को दिया जांत का आदेश
मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन को इस मामले के जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं महाकाल मंदिर के प्रंबंधक अधवेस शर्मा ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया से मिली है। उन्होंने कहा, 'अरुणिमा ने पुलिस या मंदिर प्रशासन में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई।' प्रशासन सीसीटीवी फुटेज से दोषियों की पहचान करेगी।

पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी भी हैं अरुणिमा
कैबिनेट मंत्री और सरकारी प्रवक्ता विश्वास सारंग ने कहा कि अरुणिमा का राज्य में स्वागत करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि अगली बार मंदिर आने पर उन्हें पूजा की अनुमति दी जाए। अरुणिमा सिन्हा नेशनल लेवल के वॉलीवॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं। साल 2011 में चोरी का विरोध कर रहीं अरुणिमा को चोरों ने चलती ट्रेन से धक्का दे दिया था जिसके बाद डॉक्टरों ने उनका एक पैर कृत्रिम लगाया था।












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