कोरोना जांच के लिए मोबाइल RT-PCR लैब की शुरूआत, अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी
नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हालात तब तक ऐसे रहेंगे जब तक कोरोना की वैक्सीन बाजार में नहीं आ जाती है। वैज्ञानिकों ने भी साफ कर दिया है कि मौजूदा वक्त में कोरोना को रोकने के लिए सभी राज्यों को ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग कर मरीजों को अलग करना होगा। इसके लिए अब ICMR ने मोबाइल RT-PCR लैब तैयार की है। जिसको सोमवार को रवाना किया गया।

जानकारी के मुताबिक ICMR अब RT-PCR टेस्ट को बढ़ाना चाहता है। जिस वजह से मोबाइल RT-PCR लैब तैयार कर दी गई है। इसको कहीं पर भी ले जाया जा सकता है। सोमवार शाम केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दिल्ली के अंसारी नगर स्थित ICMR हेडक्वार्टर से इस मोबाइल लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उम्मीद जताई जा रही है कि अब कोरोना जांच की संख्या और ज्यादा बढ़ेगी।
RT-PCR को कहते हैं गोल्डन टेस्ट
कोरोना की जांच के लिए मुख्यत दो टेस्ट होते हैं, पहला है RT-PCR और दूसरा है एंटीजन टेस्ट। एंटीजन टेस्ट की रिपोर्ट तो आधे से एक घंटे में आ जाती है, लेकिन ये पूरी तरह से सटीक नहीं होती है, जबकि RT-PCR टेस्ट 99 प्रतिशत से ज्यादा सटीक रिपोर्ट देता है, बस इसमें 24 घंटे से ज्यादा का वक्त लग जाता है। इस वजह से इसे गोल्डन टेस्ट भी कहते हैं। इसका पूरा नाम रियलटाइम पोलीमर्स चेन रिएक्शन है। इस टेस्ट में पहले नाक और गले से स्वैब के जरिए सैंपल लिया जाता है। इसके बाद Ribonucleic acid यानी RNA की जांच की जाती है।
देश में कितने केस?
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के 44,059 नए केस मिले हैं, जबकि 511 लोगों की मौत हो गई है। ऐसे में अब देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 91,39,866 पहुंच गया है, जबकि कुल मृतकों की संख्या 1,33,738 हो गई है। इसमें सक्रिय मामले 4,43,486 हैं। वहीं 41,024 नए डिस्चार्ज के बाद कुल ठीक हुए मामलों की संख्या 85,62,642 हो गई है।












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