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PoK के सभी आतंकी कैंप और लॉन्च पैड में ठसाठस भर चुके हैं आतंकवादी- सेना

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नई दिल्ली- दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है, लेकिन पाकिस्तान की नापाक नजरें जम्मू और कश्मीर से हट ही नहीं रही हैं। खासकर घाटी में हुए प्रशासनिक बदलाव से जो वहां की आवाम में एक शांति की उम्मीद बहाल हुई है, ये बात उसे फूटी आंखों नहीं सुहा रही है। ऊपर से सुरक्षा बलों ने उसके आतंकी गुर्गों को भी चुन-चुनकर साफ कर दिया है। इसलिए वह कोरोना वायरस के वावजूद घाटी में आतंकियों के जरिए अपनी मौजूदगी का एहसास कराने के लिए फिर से पुरानी राह पर चल पड़ा है। सेना के बड़े अधिकारी के मुताबिक भारत में घुसपैठ करने को तैयार बैठ आतंकियों से इस वक्त पीओके का हर आतंकी कैंप और लॉन्च पैड्स में कदम रखने की जगह नहीं बची है। क्योंकि, गर्मी का मौसम घुसपैठ के लिए बहुत ही माकूल माना जाता है।

कोरोना के बीच पाकिस्तान की नापाक चाल

कोरोना के बीच पाकिस्तान की नापाक चाल

पाकिस्तानी कब्जे वाली कश्मीर में सभी आतंकवादी कैंप और उनके तकरीबन 15 लॉन्च पैड इस वक्त आतंकियों से ठसाठस भर चुके हैं। ये जानकारी भारतीय सेना के एक टॉप कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू ने दी है। उनका अनुमान है कि जम्मू-कश्मीर में जिस तरह से आतंकवादियों की कमर तोड़ दी गई है, उसकी भरपाई के लिए गर्मियों के दौरान इन दहशतगर्दों की भारतीय सीमा के अंदर दाखिल कराने की तैयारी की गई है। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में लेफ्टिनेंट जनरल बग्गावाल्ली सोमाशेखर राजू ने कहा है कि सच तो ये है कि घाटी में आतंकवाद की कमर टूट चुकी है और पाकिस्तान इस बात को हजम नहीं कर पा रहा है कि कश्मीरी बेहतर कानून और व्यवस्था की हालत में अब ज्यादा शांति महसूस कर रहे हैं।

भारत में घुसपैठ की तैयारी में हैं घुसपैठिए

भारत में घुसपैठ की तैयारी में हैं घुसपैठिए

लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने पिछले एक मार्च को ही श्रीनगर स्थित रणनीतिक महत्त्व के XV Corps की जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने पीटीआई को दिए ईमेल इंटरव्यू में कहा है, 'आतंकवाद की कमर असल में टूट चुकी है। अंदरूनी इलाके में सक्रिय आतंकवादियों के सफाए में मिली सफलता के कारण, हमें लगता है कि गर्मियों के मौसम में सीमापार से घुसपैठ में इजाफा होगा, ताकि मारे गए दहशतगर्दों की कमी पूरी की जा सके। मेरा अनुमान है कि ज्यादा से ज्यादा आतंकी कैडर्स से भरपाई की कोशिश होगी, क्योंकि घुसपैठ के लिए सिर्फ गर्मियों का मौसम ही माकूल रह गया है।' उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तानी कब्जे वाली कश्मीर में स्थित सभी आतंकवादी कैंप और करीब 15 लॉन्च पैड भर चुके हैं। पाकिस्तानी सेना की मदद से ये आतंकी कैडर घुसपैठ के लिए उतावले हो रहे हैं।'

हैं तैयार हम- सेना

हैं तैयार हम- सेना

पाकिस्तान की ओर से करीब 30 वर्षों से जारी घुसपैठ की हरकत के बारे में उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना की ओर से इसके लिए सीजफायर के उल्लंघनों की नापाक हरकतों को हमारे सैनिकों के मुंहतोड़ जवाब ने पाकिस्तान को उसके इस एजेंडे में अब असहाय बना दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि गलत इरादों से हथियार उठाने वाले और राष्ट्र की संप्रभुता के खिलाफ काम करने वालों को अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि 'ऐसे समय में भी जब दुनिया कोविड-19 वैश्विक महामारी के खिलाफ एकजुट है, पाकिस्तान लाइन ऑफ कंट्रोल पर अपनी उलटी हरकतों में शामिल है। सीमा पर मौजूद हमारे जवान पूरी तरह से लैस होकर किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। '

घाटी से आतंकी सरगनाओं का सफाया

घाटी से आतंकी सरगनाओं का सफाया

जम्मू-कश्मीर में हाल ही में ढेर हुए आतंकियों की टॉप लीडरशिप और प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के स्वयंभू कमांडरों रियाज नायकू और जुनैद अशरफ शेहराई के बारे में कहा कि पिछले एक साल में सभी आतंकी तंजीमों के सरगनाओं को चुन-चुनकर सफाया किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि किसी आतंकी सरगना के नहीं बचने से पाकिस्तान को आतंकियों के बीच अपनी जमीन खोने का डर सता रहा है। साथ ही साथ आतंकवादी गुटों में भी खुद को किसी तरह बचाए रखने के लिए आपस में ही होड़ मची हुई है।

(कुछ तस्वीरें प्रतीकात्मक और कुछ फाइल)

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English summary
All the terrorists camps and launch pads have filled with terrorists in PoK- Army
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