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चिन्मयानंद केस: अखाड़ा परिषद का यू-टर्न, 'युवती ने नशीली दवा देकर फंसाया'

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लखनऊ: बीजेपी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद मामले में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने यू-टर्न ले लिया है। परिषद के महंत ने कहा कि अखाड़ा परिषद स्वामी चिन्मयानंद का हर तरह से साथ देगा। उन्होंने ये भी कहा कि स्वामी चिन्मयानंद के साथ अन्याय हुआ है। ऐसे में अखाड़ा परिषद उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकता है। गौरतलब है कि इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है।

'बदनाम करने की साजिश'

'बदनाम करने की साजिश'

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महंत ने कहा कि चिन्मयानंद मामले की आड़ में साधु-संतों को बदनाम करने और उनकी छवि को बिगाड़ने की बड़ी साजिश की जा रही है। उन्होंने स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली लड़की के बारे में कहा कि इस मामले में पीड़ित लड़की की भूमिका भी संदिग्ध है और ऐसा लग रहा है कि नशीली दवा खिलाकर स्वामी चिन्मयानंद को फंसाने की साजिश की गई है।

'चिन्‍मयानंद का पूरा साथ देंगे'

'चिन्‍मयानंद का पूरा साथ देंगे'

नरेंद्र गिरी ने बताया आगे कहा कि पीड़िता और उसके साथियों का विडियो सामने आने के बाद यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि स्वामी चिन्मयानंद से रंगदारी मांगी गई है। इसके साथ ही उन्होंने ये साफ कर दिया है कि अब अखाड़ा परिषद की 10 अक्टूबर को हरिद्वार में होने वाली बैठक में स्वामी चिन्मयानंद के निष्कासन की कार्रवाई भी नहीं की जाएगी, बल्कि साधु-संत उनके साथ इस लड़ाई में उनका पूरा साथ देंगे।

पहले क्या कहा था?

पहले क्या कहा था?

इससे पहले 21 सितम्बर को नरेंद्र गिरी ने कहा था कि चिन्मयानंद द्वारा किया गया कृत्य बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। इस वजह से साधु-संतों की भी बदनामी हो रही है। स्वामी चिन्मयानंद ने अपनी गलती मान ली है, लेकिन कानून के मुताबिक जो पाप उन्होंने किया है उसकी सजा तो उन्हें भुगतनी ही पड़ेगी। उन्होंने कहा था कि जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आएगा और निर्दोष साबित नहीं होंगे तब तक वह संत समाज से निष्कासित रहेंगे।

क्या है पूरा मामला?

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 23 अगस्त को शाहजहांपुर से लॉ की छात्रा लापता हो गई थी। इसके एक दिन बाद लड़की ने सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट कर बताया था कि संत समुदाय का एक प्रभावशाली नेता उसे परेशान कर रहा है और मारने की धमकी दे रहा है। छात्रा के पिता ने बाद में चिन्मयानंद पर उनकी बेटी और अन्य छात्राओं के शोषण का आरोप लगाया था। 27 अगस्त को लड़की के पिता की शिकायत के आधार पर चिन्मयानंद के खिलाफ आईपीसी की धारा 364(अपहरण या हत्या के लिए अपहरण) और धारा 506(आपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज किया था। 30 अगस्त को राजस्थान में लॉ स्टूडेंट का पता चला और बाद में उसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने उसकी शिकायतों के आधार पर यूपी सरकार को एसाआईटी का गठन करने का आदेश दिया।

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English summary
all india akhara parishad says he is being fabricated in a fake case
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