• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

बिहार चुनाव: अगर नेता हो खोटा तो दबाएँ नोटा

By Ajay Mohan
|

पटना (मुकुंद सिंह)। चुनाव मे अगर सभी उम्मीदवारो में से कोई भी पंसद नहीं हो तो आप नोटा का बटन दबा सकते हैं। नोटा का प्रयोग आपको अपनी ओर से सभी पार्टीयों के उमीदवारों को खारीज करने का विकल्प देता है।

पढ़ें- लड़की संग जदयू प्रत्याशी ने किया अश्लील पोल डांस

आपको बताते चलें की सविधान के अनुच्छेद 19-1ए में भी अभ‍िव्यक्ति की आजादी का प्रवधान है। इसीलिए सुप्रीम कोर्ट ने वोटींग मशीनो मे नोटा विकल्प उपलब्ध करवाने का आदेश दिया था।

2013 में सुप्रीम कोर्ट ने चुनव आयोग को चार राज्यों जे विधान सभा चुनाव में नोट का व्यवस्था करने का आदेस दिया था पिछले लोकसभा चुनाव में विहार से लोगो ने 5,81,011 नोटा का बटन दबाया था। नोटा के मध्यम से बोगस वोटीग पर लगाम लगती हैं।

नोटा से जुड़े तथ्य इस प्रकार हैं-

  • नोटा का पहली बार इस्तेमाल 2013 में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान विधानसभा चुनाव के दौरान हुआ था।
  • पहली बार नोटा का इस्तेमाल 1.5 प्रतिशत वोटरों ने किया था।
  • पहली बार दिल्ली में 50 हजार, छत्तीसगढ़ में 3.5 लाख, मध्य प्रदेश में 5.9 लाख और राजस्थान में 5.6 लाख लोगों ने यह बटन दबाया था।
  • नोटा का फायदा नहीं, क्योंकि अगर अध‍िक से अध‍िक लोग भी नोटा दबायेंगे, तब भी बचे हुए वोटों के आधार पर ही विजेता घोष‍ित कर दिया जायेगा।
  • भारत के अलावा कोलंबिया, यूक्रेन, ब्राजील, बांग्लादेश, फिनलैंड, स्पेन, स्वीडन, चिली, फ्रांस, बेल्ज‍ियम और ग्रीस में नोटा का इस्तेमाल होता है।
  • जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Know all about NOTA button EVM. You can use this button while casting your vote.
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more