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'क्या तुमने फ्यूल बंद किया है? Air India हादसे से पहले पायलटों के बीच हुई चौंकाने वाली बात, रिपोर्ट में खुलासा

Ahmedabad Air India plane crash AAIB Report: अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। एयर इंडिया क्रैश के ठीक एक महीने बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई को 15 पेज की रिपोर्ट सार्वजनिक की है। इस रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वो न सिर्फ चौंकाने वाले हैं बल्कि कई नए सवाल भी खड़े करते हैं। AAIB की इस रिपोर्ट में कॉकपिट की आवाज रिकॉर्डिंग का हवाला दिया गया है, जिसमें पायलटों के बीच हादसे से कुछ सेकंड पहले बेहद अहम बातचीत हुई थी।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसा विमान के दोनों इंजन के बंद होने की वजह से हुआ था। टेकऑफ कुछ सेकेंड बाद ही एक के बाद एक दोनों इंजन बंद हो गए थे। इसी दौरान कॉकपिट की रिकॉर्डिंग में एक पायलट ने दूसरे पायलट से पूछा था कि 'क्या तुमने इंजन बंद किया है? लेकिन दूसरे ने जवाब दिया था- नहीं। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। सिर्फ एक शख्स रमेश विश्वास जिंदा हैं। इसके असावा विमान जहां क्रैश हुआ, वहां भी लोगों की मौत हुई, कुल अब तक 260 लोगों की मौत हुई है।

Ahmedabad Air India plane crash AAIB Report

❝तुमने फ्यूल (इंजन) क्यों काटा?❞ - कॉकपिट की रिकॉर्डिंग में दर्ज हुआ सवाल

जैसे ही विमान ने 180 नॉट्स की अधिकतम स्पीड पकड़ी, ठीक उसी वक्त दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच 'RUN' से 'CUTOFF' में चले गए। उसी समय, एक पायलट ने चौंकते हुए पूछा, "तुमने फ्यूल क्यों काटा?" और दूसरे पायलट ने जवाब दिया, "मैंने नहीं किया।"

ये बातचीत 12 जून की दोपहर 13:38:42 ( एक बजकर 38 मिनट, 42 सेकेंड) IST पर हुआ, जब लंदन गेटविक के लिए रवाना फ्लाइट AI171 टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गई। यह संवाद हादसे की गंभीरता और अचानक आई तकनीकी गड़बड़ी या मानवीय गलती की ओर इशारा करता है।

🔴 कौन थे एयर इंडिया विमान AI171 के पायलट?

  • कैप्टन सुमीत सभरवाल (56 वर्ष) - 15,600 घंटे का उड़ान अनुभव, जिसमें से 8,500 घंटे उन्होंने बोइंग 787 पर उड़ान भरकर हासिल किए।
  • फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर (32 वर्ष) - 3,400 घंटे उड़ान का अनुभव, 2017 से एयर इंडिया से जुड़े हुए थे।

🔴 क्या हुआ उस दिन?

हादसा गुरुवार को सुबह अहमदाबाद से उड़ान भरते ही हुआ, जब विमान बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर जा गिरा। 260 लोगों की मौत हुई - जिनमें 241 यात्री और क्रू, और 19 लोग जमीन पर थे। सिर्फ एक यात्री बच पाया।

🔴 एयर इंडिया विमान क्रैश: AAIB जांच रिपोर्ट की बड़ी बातें

  • इंजन फ्यूल कटऑफ: 13:38:42 IST पर दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच 'RUN' से 'CUTOFF' हो गए। 10 सेकंड बाद पायलटों ने इंजन-1 को दोबारा 'RUN' किया, फिर इंजन-2 को, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
  • रेम एयर टरबाइन का एक्टिव होना: यह दिखाता है कि दोनों इंजनों ने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया था।
  • इंजन रीलाइट की कोशिश: इंजन-1 थोड़ा रिस्पॉन्स देने लगा, लेकिन ऊंचाई और समय की कमी के कारण विमान नहीं बच पाया।
  • बर्ड हिट की आशंका खारिज: जांच में साफ हुआ कि हादसे के पीछे बर्ड हिटिंग (पक्षी टकराव) कारण नहीं था।
  • फ्लैप और लैंडिंग गियर सामान्य स्थिति में: फ्लैप 5 डिग्री पर सेट थे और लैंडिंग गियर नीचे की स्थिति में था, जो कि टेकऑफ (उड़ान भरने) के लिए सामान्य माना जाता है।
  • मौसम की स्थिति अनुकूल थी: हादसे के समय मौसम पूरी तरह साफ था। आसमान में बादल नहीं थे और विजिबिलिटी भी अच्छी थी। आंधी-तूफान जैसी कोई परेशानी नहीं थी।
  • पायलट थे पूरी तरह स्वस्थ: दोनों पायलट मेडिकल टेस्ट में फिट पाए गए थे। किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक समस्या नहीं थी।
  • मेडे कॉल भेजा गया था: विमान 190 मीटर (625 फीट) की ऊंचाई पर था, तभी पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को "मेडे कॉल" यानी इमरजेंसी संदेश भेजा।
  • इसके बाद कोई संपर्क नहीं हो सका: मेडे कॉल के बाद पायलट की ओर से कोई और संवाद नहीं हुआ और विमान क्रैश हो गया।

🔴 इंजन को लेकर प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आई अहम जानकारियां

एयर इंडिया फ्लाइट AI171 हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों इंजनों को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की गई थी, और इसमें से एक इंजन कुछ हद तक रिकवर करने लगा था।

क्या हुआ इंजन के साथ?

  • रिपोर्ट के मुताबिक इंजन-1 का फ्यूल स्विच 13:38:52 IST पर दोबारा 'RUN' स्थिति में किया गया। इसके चार सेकंड बाद, 13:38:56 IST पर इंजन-2 का स्विच भी दोबारा 'RUN' पर लाया गया।
  • इस दौरान एग्जहॉस्ट गैस टेम्परेचर (EGT) में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो इस बात का संकेत था कि इंजनों को दोबारा चालू करने (relight) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।

इंजनों का व्यवहार

  • इंजन-1 की core deceleration यानी कि उसके आंतरिक हिस्सों की धीमी गति रुक गई और वह धीरे-धीरे रिकवर करने लगा।
  • लेकिन इंजन-2 बार-बार फ्यूल देने के बावजूद स्थिर नहीं हो सका, यानी वह दोबारा स्टार्ट नहीं हो पाया।
  • इस दौरान दोनों इंजनों का N2 वैल्यू - जो कि कोर रोटर की गति का प्रमुख संकेतक है -न्यूनतम आइडल लेवल से भी नीचे चला गया था।

क्या किया गया हादसे के बाद दोनों इंजनों के साथ?

  • AAIB ने बताया दोनों इंजनों को मलबे से निकाल कर एयरपोर्ट के हैंगर में सुरक्षित रखा गया है। उन हिस्सों की पहचान कर ली गई है जो आगे की जांच के लिए अहम माने गए हैं और उन्हें भी क्वारंटीन कर दिया गया है।
  • AAIB ने यह भी बताया कि क्रैश साइट पर ड्रोन से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का काम पूरा कर लिया गया है। इसके बाद पूरे मलबे को एक सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है, ताकि आगे की जांच बिना किसी रुकावट के की जा सके।

🔴 अभी तक किसी विमानन कंपनी पर सवाल नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, कोई फ्लिट-वाइड सेफ्टी अलर्ट नहीं जारी किया गया है। यानी बोइंग 787-8 या इसके GE GEnx-1B इंजन को लेकर फिलहाल कोई सिस्टम लेवल खामी नहीं मानी गई है। लेकिन जांच अब भी जारी है और और सबूतों की तलाश हो रही है।

🔴एयर इंडिया विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग ने जांच रिपोर्ट पर क्या कहा?

भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद बोइंग ने गहरी संवेदना जताई है। गौरतलब है कि यह हादसा एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर 787-8 विमान के साथ हुआ था, जिसे बोइंग ने ही बनाया है।

बोइंग ने अपने बयान में कहा, "हम एयर इंडिया फ्लाइट 171 में सवार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के परिजनों के साथ गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। साथ ही अहमदाबाद में ज़मीन पर प्रभावित हर व्यक्ति के लिए भी हम शोक-संवेदना व्यक्त करते हैं।"

🔴 क्या हो सकती है वजह?

FAA (अमेरिका की विमानन एजेंसी) ने 2018 में एक सलाह जारी की थी जिसमें बोइंग 737 के फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग मैकेनिज्म में संभावित समस्या बताई गई थी। वही मैकेनिज्म बोइंग 787-8 में भी है। हालांकि एयर इंडिया ने FAA की इस सलाह को "अनिवार्य" न मानते हुए उस पर कोई जांच नहीं की थी।

🔴 जांच टीम में कौन-कौन?

  • AAIB प्रमुख: जीवीजी युगंधर
  • मुख्य जांचकर्ता: संजय कुमार सिंह
  • विशेषज्ञों की टीम: पायलट, इंजीनियर, एविएशन मनोवैज्ञानिक, मेडिसिन विशेषज्ञ, और फ्लाइट रिकॉर्डर एक्सपर्ट शामिल।

अभी रिपोर्ट की भाषा में, "फ्यूल स्विच का 'RUN' से 'CUTOFF' में ट्रांजिशन क्यों हुआ, इसका कारण तय नहीं किया गया है।" यानी यह तकनीकी खामी थी या मानवीय गलती - इसका पता लगाना बाकी है।

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