जयललिता की मुश्किलें बढ़ी, पार्टी ने मांगा महासचिव पद से इस्तीफा
चेन्नई। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमत्री जयललिता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद जयललिता से उनकी ही पार्टी के पदाधिकारियों ने उनसे पार्टी के महासचिव पद से इस्तीफा मांगा है। पार्टी के नेता के नेता के रामसुब्रह्मण्यम ने पत्र लिखकर जयललिता से नैतिकता के आधार पर पार्टी के महासचिव पद से इस्तीफा देने को कहा है।

उन्होंने कहा कि पार्टी का महासचिव होने के नाते आपके खिलाफ नियमानुसार कोई भी कार्यवाही नहीं कर सकता। ऐसे में आपको नैतिकता के आधार पर जबतक आपको सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल जाती अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि पत्र में आगे लिखते हुए उन्होंने कहा ऐसा करने से लोगों में उनके प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा और लोगों में उनका कद भी बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी में आपकी जगह कोई नहीं भर सकता है और इस दौरान किसी महिला को इस पद को आप अपनी इच्छानुसार दे सकती हैं। सुब्रह्मण्यम ने कहा कि जेल में रहने के दौरान आप अपने अतीत का बेहतर आंकलन कर सकती हैं साथ इस बात का भी आंकलन लगा सकती हैं कौन आपका विरोधी है। ताकि जेल से आने के बाद आप एक नई उर्जा के साथ पार्टी की कमान अपने हाथ में ले सकती हैँ।
आपको बता दें कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में कोर्ट ने जयललिता को चार साल की जेल की सजा सुनाई है। साथ ही उनपर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं सात अक्टूबर को जयललिता की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जयललिता को जमानत देने से इनकार












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