Ahmedabad Vadodara Expressway: देश का पहला फोर-लेन होगा बंद? 21 साल बाद केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
Ahmedabad Vadodara Expressway: गुजरात का अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे (NE-1) देश का पहला फोर-लेन एक्सप्रेसवे है। इसे चौड़ा करने की तैयारी शुरू हो गई है। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के तहत बने इस अहम मार्ग को अब छह लेन में अपग्रेड किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए यह फैसला लिया है। इसके लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का टेंडर जारी कर दिया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिली है। करीब 21 साल पहले, वर्ष 2004 में शुरू हुआ यह एक्सप्रेसवे देश का पहला चार लेन वाला एक्सप्रेसवे था। इसे महात्मा गांधी एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है।

Ahmedabad Vadodara Expressway: दो और लेने जोड़ने की योजना
- पिछले दो दशकों में तेज शहरीकरण, औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों में बढ़ोतरी के कारण इस मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है।
- अनुमान है कि वर्तमान में प्रतिदिन करीब 51,000 वाहन इस एक्सप्रेसवे से गुजरते हैं। अभी इस मार्ग पर दोनों ओर दो-दो लेन और एक सर्विस लेन मौजूद है। बड़े हिस्से में मरम्मत कार्य भी चल रहा है।
- 93.302 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर अहमदाबाद, नाडियाड, आनंद और वडोदरा को जोड़ता है। इसके शुरू होने से अहमदाबाद और वडोदरा के बीच यात्रा समय लगभग ढाई घंटे से घटकर करीब एक घंटा रह गया था।
Ahmedabad Vadodara Expressway: ट्रैफिक दबाव भी होगा कम
एक्सप्रेसवे का विस्तार होने से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा। इसके साथ ही 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले परिवहन क्षमता को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। खास बात यह है कि मौजूदा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर लगभग 50 मीटर भूमि पहले से उपलब्ध है, जिससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। NHAI का मानना है कि छह लेन बनने के बाद अहमदाबाद, वडोदरा और मुंबई की ओर आवागमन और अधिक सुगम हो जाएगा।












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