Agriculture Bill 2020: शिरोमणि अकाली दल ने अमृतसर से शुरू किया 'किसान मार्च', बादल ने कही बड़ी बात
नई दिल्ली। कृषि विधेयक के खिलाफ किसान सड़कों पर उतरे हैं और विरोधी दल ने भी किसान बिल को लेकर मोर्चा खोला हुआ है तो वहीं इसी बीच गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर से 'किसान मार्च' शुरु किया है, वो राजभवन तक मार्च निकालकर कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को सौंपेगे। मालूम हो कि इसमें SAD ने आज के मोर्च में किसान संगठन और सूबे के दो लाख लोग शामिल होने का दावा किया है। कहा जा रहा है कि यह लोग 40 हजार वाहनों से अलग-अलग जगहों से किसान मार्च में शामिल होंगे।
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आपको बता दें कि मार्च निकालने से एक दिन पहले सुखबीर सिंह बादल संगरूर स्थित गुरुद्वारा नानकियाणा साहिब में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की थी। जिसमें उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कृषि कानूनों के विरोध में एक अक्टूबर को अकाली दल की तरफ से निकाला जा रहा मार्च मार्च केंद्र सरकार की जड़ें हिला देगा। ये तख्त श्री दमदमा साहिब से हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में मार्च निकाला जाएगा।
किसान विरोधी है कृषि कानून
उन्होंने कहा था कि कृषि कानून का असर सिर्फ किसानी पर ही नहीं, बल्कि आढ़तियों, मजदूरों और व्यापारियों पर भी पड़ेगा, एनडीए बनाने वाली भाजपा नहीं, बल्कि शिरोमणि अकाली दल है। जब एनडीए बना था तब भाजपा के पास सिर्फ दो ही सांसद थे। इस मौके पर एसजीपीसी अध्यक्ष भाई गोबिंद सिंह लौंगोवाल, जिलाध्यक्ष इकबाल सिंह झुंदां, प्रकाश चंद गर्ग, हरी सिंह नाभा, गुलजार सिंह मूनक और तेजा सिंह कमालपुर मौजूद रहे।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधेयकों पर मुहर लगा दी है
मालूम हो कि बीते रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विधेयकों पर मुहर लगा दी थी, जिसके बाद सोमवार को राजधानी में सोमवार को दिल्ली के इंडिया गेट पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर को आग लगा दी थी। बता दें कि किसानों के लिए लाए गए बिल पर देशभर में प्रदर्शन हो रहा है, इस प्रदर्शन में 31 संगठन शामिल हैं, इन प्रदर्शनों को कई पार्टियों जैसे आप, अकाली दल, टीएमएसी, राजद और कांग्रेस का समर्थन मिला हुआ है।
कृषि बिल से किसानों को फायदा होगा: पीएम मोदी
हालांकि किसान बिल पर पीएम मोदी कह चुके हैं कि कृषि बिल से किसानों को फायदा होगा ये उनके हित में उठाया गया ऐतिहासिक कदम है, कृषि बिल से न तो मंडियों को खत्म किया जा रहा और न एमएसपी को लेकिन कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए इस बिल का दुष्प्रचार कर रहे हैं और किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।












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