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पहले किसानों के खातों में भेजी जाएगी फसल बीमा राशि और फिर काटेंगे कर्ज का पैसा

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भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज (18 सितंबर) उज्जैन से सेवा सप्ताह के तहत राज्य के 22 लाख किसानों के बैंक खातों में फसल बीमा राशि भेजेंगे। खरीफ 2019 की राशि 4,688 करोड़ रुपये हैं। ये सीधे किसानों के खाते में जाएगी। लेकिन किसानों को इस बात की खुशी नहीं है क्योंकि जैसे ही किसानों को उनके हिस्से की राशि मिलेगी अगले ही पल उनके बैंक खाते से वह अमाउंट कर्ज वसूली के लिए काट लिए जाएंगे। इस बात की सूचना भोपाल के कमिश्नर कवींद्र कियावत द्वारा लिखे अधिकारिक पत्रों से मिली है।

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सीएम शिवराज ने किसानों को पैसें ट्रांसफर करने को लेकर ट्वीट भी किया है। सीएम शिवराज ने लिखा है, मध्यप्रदेश के किसान भाइयों के चेहरों पर नई मुस्कान आई है, हमारी सरकार इसे बरकरार रखने हेतु प्रतिबद्ध है।

भोपाल के कमिश्नर ने दी कर्ज वसूली के बारे में जानकारी

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    भोपाल के कमिश्नर कवींद्र कियावत द्वारा संभाग के सभी कलेक्टर और जिला सहकारी बैंकों के सीईओ को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि 18 सितंबर को किसानों के खाते में फसल बीमा के पैसा आ जाए तो उससे किसानों के कर्ज की वसूली की जाए। इस पत्र में भोपाल के कमिश्नर ने सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा सिंगल क्लिक में किसानों को दी जाने वाली फसल बीमा राशि का जिक्र किया है।

    पत्र में भोपाल के कमिश्नर कवींद्र कियावत ने साफ-साफ लिखा है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के ऋण बकाये वाले किसानों के खातों से उसकी वसूली फसल बीमा की राशि से की जाए। मीडिया ने जब इस पत्र के बारे में भोपाल के कमिश्नर कवींद्र कियावत से सवाल किए तो उन्होंने इस पर कोई भी सफाई नहीं दी बल्कि कहा कि यह एक रूटीन प्रक्रिया है। ऐसे में देखा जाए तो इस फसल बीमा का किसानों को कोई सीधा फायदा नहीं मिलने वाला है।

    सीएम शिवराज का दावा- किसानों की आय करेंगे दोगुनी

    सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि उनकी सरकार का मकसद किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि वो जल्द से जल्द किसानों की आय दोगुनी करेंगे। सीएम ने कहा है कि हम राज्य में किसानों को फिलहाल शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को ज्यादा फायदा हो और उन्हें उनकी फसल का ज्यादा से ज्यादा मुनाफा मिल सके इसलिए मंडी अधिनियम में संशोधन किया गया है।

    बता दें कि सरकार ने खरीफ 2018 और रबी 2018-19 की फसल बीमा की बकाया राशि 2200 करोड़ जमा करवाई थी। जिससे 8 लाख से ज्यादा किसानों को लाभ मिला था।

    ये भी पढ़ें- आखिर क्या है कृषि संबंधी विधेयक, क्यों मचा है इस पर बवाल?

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    English summary
    PM Fasal Bima Yojana: The outstanding loan money will be deducted from the crop insurance amount of the farmers in Madhya Pradesh.
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