इन युवाओं को नहीं मिलेगा 'अग्निवीर' बनने का मौका, सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी अहम जानकारी
नई दिल्ली, 19 जून: देशभर में अग्निपथ योजना के बाद से कई राज्यों में हिंसात्मक प्रदर्शन हुए हैं। इसी बीच आज सेना के शीर्ष अधिकारियों ने केंद्र सरकार ने नई भर्ती योजना को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि, अग्निपथ योजना वापस नहीं ली जाएगी और यह भी कि सभी भर्तियां इसी स्कीम के तहत होंगी। 25 हजार अग्निवीरों का पहला बैच दिसंबर में आर्मी ज्वॉइन कर लेगा।

उपद्रवी नहीं बन सकेंगे अग्निवीर
इसके साथ ही लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि अग्निपथ के विरोध में कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाने वालों ने छात्रों को भड़काकर प्रदर्शन कराया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर बनने वाला शपथपत्र देगा कि उसने कोई प्रदर्शन नहीं किया है न तोड़फोड़ की। बिना पुलिस वेरिफिकेशन के कोई सेना में शामिल नहीं होगा। पुरी ने कहा कि युवा फिजिकली तैयार हों, ताकि वह हमारे साथ जुड़कर ट्रेनिंग कर सकें।
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एफिडेविट देना होगा युवाओं को
सेना की अधिकारी ने कहा कि, हमने इस योजना को लेकर हाल में हुई हिंसा का अनुमान नहीं लगाया था। सशस्त्र बलों में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। सभी को लिखित में देना होगा कि वे किसी भी तरह की आगजनी/हिंसा में शामिल नहीं थे। पुरी ने जानकारी दी कि भर्ती में शामिल होने वाले हर अभ्यर्थी को यह एफिडेविट देना होगा कि उसने किसी प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया, कोई केस दर्ज नहीं हुआ। ये प्रावधान कर दिए गए हैं।

मौजूदा जवानों से अधिक पे अलाउंस
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुरी ने युवाओं से कहा कि 'जो भी युवा इधर-उधर घूम रहे हैं भटक रहे हैं वह अपना समय बर्बाद नहीं करें क्योंकि किसी के लिए भी फिजिकल टेस्ट पास करना उतना आसान नहीं होता है। उनसे गुजारिश है कि वह अपना पूरा ध्यान अगले महीनों में होने वाले टेस्ट पर लगाएं।' लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि हमें डिमॉग्रैफिक डिविडेंड का फायदा उठाना चाहिए। सेना में युवाओं की जरूरत है। युवाओं में जोश और जज्बा होता है। अनिल पुरी ने कहा कि आज जवान को जो पे-अलाउंस मिल रहे हैं, अग्निवीर को उससे ज्यादा मिलेंगे।

सेना की औसत आयु को नीचे लाना हमारा लक्ष्य है: अनिल पुरी
अनिल पुरी ने कहा- तीनों सेना प्रमुख और सीडीएस ने मिलकर दुनिया के सभी देशों की सेनाओं की औसत उम्र देखी गई। सेना में बदलाव का प्रोसेस 1989 से चल रहा है। सेना की औसत उम्र 32 साल थी, इसे 26 पर लाना हमारा लक्ष्य था। हमें सेना में यूथ चाहिए। हमें जुनून जज्बे के साथ होश की भी जरूरत है।












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