राकेश टिकैत पर हमले से नाराज आंदोलनकारी किसान, ट्रैक्टर-ट्रॉली से इन बॉर्डरों पर जाम किया ट्रैफिक
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन 5 महीने बाद भी जारी है। इस बीच शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के काफिले पर हुए हमले से किसान आक्रोशित हो गए। नाराज किसानों ने सबसे पहले गाजीपुर बॉर्डर पर यातायात को अवरुद्ध किया, इसके बाद शुक्रवार देर शाम कुंडली बार्डर पर धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों ने केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक जाम किया। अब दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की तरफ से जानकारी दी गई है कि रात होते-होते किसानों ने चिल्ला बॉर्डर पर भी जाम लगा कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केएमपी एक्सप्रेस-वे पर प्रदर्शनकर रहे किसानों को लगभग 20 मिनट के अंदर ही संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने वहां से वापस बुला लिया। किसान नेताओं ने इस बारे में बाद में बैठकर फैसला लेने की बात कही है। उधर, गाजीपुर बॉर्डर और चिल्ला बॉर्डर पर उग्र किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक किसानों ने चिल्ला बॉर्डर के हाईवे पर दोनों तरफ के यातायात को बाधित किया है।
कब हुआ राकेश टिकैत पर हमला?
राकेश टिकैत के काफिले पर शुक्रवार को अलवर अज्ञात लोगों ने हमला किया। इसमें राकेश टिकैत की कार समेत कई वहानों को नुकसान हुआ है। घटना के बाद मौके पर जाम लग गया। काफिले के साथ जा रहे किसान नेताओं ने पुलिस के सामने गुस्सा भी जाहिर किया। पुलि्स ने इस मामले में 4 लोगों को हिरासत में लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसान नेता राकेश टिकैत हरसौली में सभा करने के बाद बानसूर जा रहे थे। शाम करीब चार बजे बाद जैसे ही काफिला ततारपुर चौराहे के पास आया। यहां दो-चार युवकों ने गाड़ी के काफिले पर पत्थर फेंकें। इस घटना में उनकी कार का पिछला शीशा टूट गया। इस दौरान असामाजिक तत्वों ने टिकैत पर स्याही भी फेंकी। जिसके बाद उनका काफिला उस चौराहे पर रुक गया।
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