'कश्मीर में जेहाद बेहद जरूरी है, मुसलमान चाहें तो इसे आगे ले जायें'
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के एक अलगाव वादी संगठन 'नेशनल फ्रंट' ने जेल में अफजल गुरू द्वारा डायरी में लिखी गई बातों को एक किताब के रूप में प्रकाशित करवाया है, जिस पर कश्मीर की कुछ राजनीतिक पार्टियों ने सवाल उठाये हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि अफजल को फरवरी में तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई थी। वह भारत के संसद भवन पर हमले का आरोपी था।
किताब मे कहा गया है कि कश्मीर में जेहाद बेहद जरूरी है। अफजल ने अपनी शहादत देकर इसे आगे बढ़ाया है। अब मुसलमान चाहें तो इसे आगे तक ले जायें या फिर इससे अलग हो सकते हैं।'अहले इस्लाम के नाम शहीद अफजल गुरू का आखिरी पैगाम' नाम से प्रकाशित इस किताब की लगभग 5000 प्रतियां लोगों में वितरित की गईं। बताया जाता है कि किताब में जैश-ए- मोहम्मद के कमांडर गाज़ीबाबा का नाम होने पर भी विवाद है, गाजीबाबा 2001 में संसद भवन पर हुए हमले का मास्टरमाइंड था।

नेशनल फ्रंट (एनएफ) द्वारा इस विवादास्पद किताब के विमोचन के मौके पर अफजल का भाई अय्याज गुरू भी मौजूद था। एनएफ के सूत्रों ने कहा है कि अफजल की पत्नी और बेटा इस समारोह में नहीं आये क्योंकि वह मीडिया के सामने नहीं आना चाहते हैं। उन्होने बताया कि किताब को बेचा नहीं जाएगा बल्कि कुछ महत्वपूर्ण लोगों को वितरित किया जायेगा।
इस किताब को शफी शैरियती द्वारा संकलित और कलमबद्ध किया गया है, जो कि मानवाधिकार कार्यकर्ता एचएन वांचू के हत्या के जुड़े होने के कारण जेल में है। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता युवा मोर्चा ने इस किताब को विरोध किया है और इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।












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