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CAA पर विपक्ष को झटका, शिवसेना समेत ये पांच पार्टिंयां नहीं हुईं बैठक में शामिल

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नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच मोदी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष पूरी तरह तैयार है। लेकिन विपक्षी एकता अब कमजोर पड़ती दिख रही है। दरअसल आज (13 जनवरी) देश के वर्तमान राजनीतिक हालातों और सीएए को लेकर विपक्ष की बैठक हुई। जिसमें आम आदमी पार्टी (आप), शिवसेना, द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (डीएमके), समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) शामिल नहीं हुईं।

'यह पूर्णतयाः विश्वासघाती है'

'यह पूर्णतयाः विश्वासघाती है'

मायावती ने सोमवार को एक के बाद एक ट्वीट किए। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, 'जैसाकि विदित है कि राजस्थान कांग्रेसी सरकार को बीएसपी का बाहर से समर्थन दिए जाने पर भी, इन्होंने दूसरी बार वहां बीएसपी के विधायकों को तोड़कर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है जो यह पूर्णतयाः विश्वासघाती है। ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व में आज विपक्ष की बुलाई गई बैठक में बीएसपी का शामिल होना, यह राजस्थान में पार्टी के लोगों का मनोबल गिराने वाला होगा। इसलिए बीएसपी इनकी इस बैठक में शामिल नहीं होगी।'

'असंवैधानिक कानून को वापस ले'

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, 'वैसे भी बीएसपी CAA/NRC आदि के विरोध में है। केंद्र सरकार से पुनः अपील है कि वह इस विभाजनकारी व असंवैधानिक कानून को वापस ले। साथ ही जेएनयू और अन्य शिक्षण संस्थानों में भी छात्रों का राजनीतिकरण करना यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है।' इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस और लेफ्ट पर बंगाल में डर्टी पॉलिटिक्स खेलने का आरोप लगाया और कहा, मैंने सोनिया गांधी द्वारा 13 जनवरी को नई दिल्ली में बुलाई गई बैठक का बहिष्कार करने का फैसला किया है क्योंकि मैं पश्चिम बंगाल में वामपंथी और कांग्रेस की हिंसा का समर्थन नहीं करती। बनर्जी ने कहा, वाम मोर्चा और कांग्रेस के दोहरे रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा है कि अब वह नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ लड़ाई अकेली लड़ेंगी।

ममता ने वाम मोर्चा और कांग्रेस पर साधा निशाना

ममता ने वाम मोर्चा और कांग्रेस पर साधा निशाना

केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में बुधवार को वाम मोर्चा और कांग्रेस के बंगाल बंद पर तृणमूल प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने करारा प्रहार किया। हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी और यातायात में व्यवधान पर नाराजगी जाहिर करते हुए ममता ने कहा कि बंद के नाम पर गुंडागर्दी की जा रही है। इसे आंदोलन नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

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English summary
after tmc president mamata banerjee now bsp president mayawati boycott 13 january opposition meeting on CAA in delhi.
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