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एक और जवान ने वीडियो में उठाए ऑफिसर्स पर सवाल, सेना ने आरोपो क‍ो किया खारिज

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नई दिल्‍ली। भारतीय सेना में गनर रॉय मैथ्‍यू की मृत्‍यु को अभी एक हफ्ता भी नहीं हुआ है कि एक और जवान का वीडियो सामने आ गया है। एक बार फिर इस वीडियो में सेना में मौजूद बडी या फिर सहायक सिस्टम पर सवाल उठाए गए हैं। सोशल मीडिया पर आए इस वीडियो में जवान ने ब्रिटिश दौर के बडी सिस्‍टम खरी-खोटी सुनाई है।

सेना के एक और जवान ने वीडियो में उठाए ऑफिसर्स पर सवाल

क्‍या कहा है जवान ने

इस जवान का नाम है सिंधव जोगीदास जो कि एक सिपाही हाउसकीपर है यानी उसका जिम्‍मा साफ- सफाई के काम का है। जोगीदास ने एक पोस्‍ट अपडेट की है जिसमें उन्‍होंने अपनी कुंठा जाहिर की है। यह कुंठा उन कामों को लेकर है जो नौकरों की तरह कराए जाते हैं। अगर वह इन कामों से इंकार करते हैं तो फिर उन्‍हें सजा दी जाती है। जवान का दावा है कि उसने इस बारे में पहली बार सेना और रक्षा मंत्रालय से शिकायत की तो उसे नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद फिर उन्‍होंने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑफिस तक पहुंचाई। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि जो भी सुविधाएं जवानों को दी गई हैं वह सिर्फ नजरों को धोखा देने के लिए हैं। उन्‍होंने अपने वीडियो में कहा है, 'जवानों को निचले स्‍तर का खाना दिया जाता है जो सिर्फ जिंदगी बचाने के काम आता है। कुछ ऑफिसर्स जवानों को गुलाम बनाकर रखते हैं लेकिन कोई भी ऑफिसर्स के खिलाफ कुछ बोल नहीं सकता है।'

जल्‍द ही आएगा आधिकारिक जवाब

वहीं जब इस बारे में सेना से जानकारी ली गई तो इन सभी आरोपों से इंकार कर दिया गया। जल्‍द ही इस बारे में आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की जाएगी। सूत्रों की ओर से बताया कि इस जवान की सेना में भर्ती वर्ष 2014 में हुई थी और उसका काम सिपाही हाउसकीपर का ही है जो साफ-सफाई के कामों से जुड़ा है। वर्ष 2015 में वह अपनी छुट्टियां खत्‍म होने के बाद भी नहीं लौटा था और इसके बाद उस पर सात दिनों का फाइन लगाया गया था। उस समय वह सेना छोड़ना चाहता था। उसका केस आगे बढ़ाने के बाद उसकी आखिरी बार काउंसलिंग की गई और फिर उसने अपना मन बदल दिया था। इसके बाद उसने ऊंचाई वाले इलाकों में सेवा करना पसंद किया। वर्ष 2016 में रानीखेत में स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल में उसने बेड पैंस को साफ करने से मना कर दिया था जो कि उसकी ड्यूटी का हिस्‍सा था। इसके बाद उसे सात दिनों की सजा हुई थी। इसके बाद वर्ष 2016 में उसने पीएमओ को लिखा था और वहां से रक्षा मंत्रालय गया और इसके बाद उत्‍तराखंड में सेना की ओर से इनक्‍वॉयरी हुई जिसमें उस पर लगे आरोपो को निराधार पाया गया। इसके बाद एक और इनक्‍वॉयरी हुई और इसमें भी वही नतीजा आया था। कमांड ने उस पर 14 दिनों का फाइन लगाया था और अब यह जवान 28 फरवरी से लेह में पोस्‍टेड है। उसने अभी तक वहां पर रिपोर्ट नहीं किया और ट्रांजिट कैंप में रिपोर्ट किया है जहां पर लगता है उसने यह वीडियो शूट किया है। सूत्रों ने बताया क‍ि सेना ने कभी भी उससे सहायक के कामों को करने के लिए नहीं कहा।

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English summary
After gunner Roy Matthew another jawan has upload a video and complained about buddy system in Indian Army.
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