महानदी को लेकर आमने-सामने छत्तीसगढ़ और ओडिशा, केन्द्र करेगा बीच-बचाव
छत्तीसगढ़। कावेरी नदी के जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच चल रहा विवाद अभी थमा नहीं है कि महानदी पर बांध बनाने को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सरकार में ठन गई है।

महानदी के पानी और हीराकुंड बांध को लेकर कई बार दोनों राज्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। अब नया मामला छत्तीसगढ़ सरकार के महानदी पर सात मंजिला बैराज बनाने को लेकर है।
ओडिशा सरकार का आरोप है कि छत्तीसगढ़ सरकार उन्हें बिना किसी जानकरी के ही ये बैराज बना रही है, जिससे ओडिशा को नुकसान होगा। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि इससे ओडिशा को मिलने वाले पानी पर कोई फर्क नहीं पडे़गा।
इस पूरे मामले पर चर्चा के लिए आज (शनिवार) को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जल संसाधन मंत्री उमा भारती के साथ बैठक करेंगे। दोनों मुख्यमंत्री अपना-अपना पक्ष इस बैठक में रखेंगे।
कमैटी करेगी पूरे मामले की जांच
महानदी पर बांध को लेकर चल रहा विवाद दो राज्यों का तो है ही, ये दो पार्टियों की खींचतान की वजह भी बन गया है। बीजू जनता दल और भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
इस बांध को लेकर बीजू जनता दल के सांसद भातृहरि माहताब ने मानसून सत्र में इस मामले को उठाया था। अब सबकी नजर आज की मीटिंग पर है। जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने मामले के जल्दी सुलझ जाने की आशा जताई है।
उमा भारती ने ट्वीट कर कहा कि एक सप्ताह के अंदर एक कमैटी गठित की जाएगी, जो पूरे मामले की जांच करेगी। उमा का कहना है कि इस पर दोनों पक्ष सहमत हैं।












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