सामने आया वीडियो, बुरे फंसे डीआईजी लोशाली और रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर
नई दिल्ली। आतंकी नाव पर केंद्र सरकार सहित कोस्ट गार्ड के डीआईजी बीके लोशाली बुरी तरह फंसते नजर आ रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की खबर को गलत बताने वाले लोशाली की मुश्किले अखबार ने उनका पुराना वीडियो जारी करके बढ़ा दी है। वीडियों में लोशाली के दो अलग-अलग बयान साफ दिखायी दे रहे, जिसके बाद लोशाली की मुश्किलें बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।

हां मैंने ही दिया था आंतंकी नाव को उड़ाने का आदेश- डीआईजी बीके लोशाली
अखबार ने खबर छापी थी कि डीआईजी कोस्ट गार्ड बीके लोशाली ने कहा है था कि 31 दिसंबर की रात को उनके आदेश पर ही नाव में ब्लास्ट किया गया था, उन्होंने कहा कि मैं उस दिन गांधीनगर में था और मैंने उस रात आदेश देते हुए कहा था, नाव में उड़ा दो, हम उन्हें बिरयानी नहीं परोसना चाहते हैं, जिसके बाद नाव में आग लगा दी गई।
नहीं मैंने नहीं कहा था नाव उड़ाने को- डीआईजी बीके लोशाली
अखबार में इस खबर के छपने के बाद आनन-फानन में प्रेस कांफ्रेंस करके लोशाली ने अखबार की खबर का खंड़न करते हुए कहा कि मैंने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया। अखबार ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़ के पेश किया। उन्होंने कहा कि जिस वक्त आतंकी बोट का ऑपरेशन चल रहा था वह उस समय वहां नहीं थे और ना ही उन्हें इस ऑपरेशन के बारे में कोई जानकारी थी।
तो क्या रक्षा मंत्री ने झूठ बोला उन्हें गलत जानकारी दी गयी
इस खबर के बाद जमकर हंगामा मचा कि क्या इस विषय में रक्षा मंत्री ने गलत बयान दिया। रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने एक बयान में कहा था कि आतंकी नाव ने खुद को धमाके के साथ उड़ा दिया था। गौरतलब है कि यह घटना 31 दिसंबर की रात की है जब कोस्ट गार्ड ने एक पाकिस्तानी नाव का पता लगाया था जो गुजरात में भारतीय जल सीमा में प्रवेश कर गई थी। इससे पहले कि कोस्ट गार्ड नाव को रोक पाती, इसमें धमाके के साथ आग लग गई और पूरी तरह पानी में डूब गई।
नाव में चार लोग सवार थे और कोस्ट गार्ड की चेतावनी के बाद भी नाव नहीं रुकी, जिसके बाद इसमें धमाका हो गया। तब कहा गया था कि आतंकियों ने खुद नाव को उड़ाया। जिस पर रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर ने कहा था कि पकड़े जाने के डर से आतंकवादियों ने यह किया है, हो सकता है कि आग लगाने से पहले सबने साइनाइड भी खायी हो।












Click it and Unblock the Notifications