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हरसिमरत कौर के इस्तीफे के बाद हरियाणा में दुष्यंत चौटाला पर बढ़ा दबाव, आनन-फानन में CM खट्टर से की मुलाकात

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चंडीगढ़। लोकसभा में पास कृषि विधेयक (Agriculture bills 2020) को लेकर पंजाब सहित अन्य राज्यों में हंगामा मचा हुआ है। गुरुवार (17 सितंबर) को शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal (SAD) की मंत्री हरसिमरत कौर बादल (Harsimrat Kaur Badal) ने विधेयक का विरोध करते हुए केंद्रीय मंत्री से इस्तीफा दे दिया है। हरसिमरत कौर के इस्तीफे बाद हरियाणा की राजनीति गरमा गई है। हरियाणा में एनडीए (NDA) की सहयोगी पार्टी जननायक जनता पार्टी (JJP) पर भी इस कृषि विधेयक का विरोध करने और बीजेपी (BJP) का साथ छोड़ने का दबाव बन रहा है। हरियाण में बीजेपी और जेजेपी की सरकार है।

    Agriculture Bill 2020: Harsimrat Kaur के इस्तीफे से Dushyant Chautala पर बढ़ा दबाव | वनइंडिया हिंदी
    CM मनोहर लाल खट्टर से मिले डिप्टी सीएम चौटाला

    CM मनोहर लाल खट्टर से मिले डिप्टी सीएम चौटाला

    हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जननायक जनता पार्टी (JJP)की सरकार है। दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) जेजेपी के चीफ है। हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे के बाद शुक्रवार (18 सितंबर) को हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) के साथ मुलाकात की। इसके बाद दुष्यंत चौटाला ने पार्टी के नेताओं से बात की है। 90 सीटों वाली हरियाणा में जेजेपी पार्टी के 10 विधायक हैं और पिछले साल जेजेपी ने बीजेपी को सत्ता में लाने में मदद की थी। बताया जा रहा है कि चौटाला ने सीएम खट्टर से किसानों की शंकाओं को लेकर बात करने गए थे।

    कांग्रेस ने कहा- किसान-हित से ऊपर सत्ता-लोभ

    कांग्रेस ने कहा- किसान-हित से ऊपर सत्ता-लोभ

    जननायक जनता पार्टी (JJP) और दुष्यंत चौटाला पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता व राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने ट्वीट किया, अकाली हरसिमरत जी के इस्तीफे के बाद इस प्रश्न को और बल मिलता है- जब पंजाब के सारे दल किसान के पक्ष में एक हो कर केंद्र के इन किसान-घातक अध्यादेशों के विरोध में आ सकते है तो हरियाणा के सत्तासीन BJP-JJP नेता क्यूं किसान से विश्वासघात कर रहे हैं? किसान-हित से ऊपर सत्ता-लोभ।

    अपने एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा है, 'पंजाब के अकाली दल, AAP ने संसद में कांग्रेस के साथ किसान विरोधी 3 अध्यादेशों का विरोध करने का साहस दिखाया, पर दुर्भाग्य कि हरियाणा के BJP, JJP नेता सत्ता-सुख के लिए किसान से विश्वासघात करने लगे हुए हैं। जब पंजाब के सब दल किसान के पक्ष में एक हो सकते हैं तो हरियाणा BJP-JJP क्यूं नहीं?'

    Agriculture bills 2020 को लेकर मचा घमासान

    Agriculture bills 2020 को लेकर मचा घमासान

    कृषि क्षेत्र से जुड़े तीनों प्रमुख बिलों को लेकर देश में घमासान मचा हुआ है। कृषि क्षेत्र से जुड़े तीनों प्रमुख बिलों में एक है, कृषि उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक 2020। दूसरा है, मूल्य आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और तीसरा है, कृषि सेवा विधेयक (2020)।

    पीएण मोदी ने इस मामले पर ट्वीट कर कहा है, "ये विधेयक सही मायने में किसानों को बिचौलियों और तमाम अवरोधों से मुक्त करेंगे। इस कृषि सुधार से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए-नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनका मुनाफा बढ़ेगा। इससे हमारे कृषि क्षेत्र को जहां आधुनिक टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, वहीं अन्नदाता सशक्त होंगे।"

    ये भी पढ़ें- आखिर क्या ये कृषि संबंधी विधेयक, क्यों मचा है इस पर बवाल?

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    English summary
    After Akali Dal's lone Union Minister Harsimrat Kaur Badal resignation Modi's cabinet Pressure On BJP's Haryana Ally Dushyant Chautala over Agriculture bill 2020
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