बिहार: एक मंच से गरजे लालू-नीतीश, पढ़ें एक-एक ज़ुबानी हमला

विधानसभा उपचुनाव में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और जदयू नेता व पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हाजीपुर में एक साथ मंच पर नरेंद्र मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते नज़र आए। दोनों ने एक दूसरे को गले लगाया व हुंकार भरी कि पांच विधानसभा क्षेत्रों में वे एक साथ सभाओं को संबोधित करेंगे।
बिहार में 21 अगस्त को 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। जिसके लिए चुनाव प्रचार शुरू हो चुका है और आज पहला मौका है जब 20 साल पुराने राजनीतिक दुश्मन लालू यादव और नीतीश कुमार ने दोस्त के तौर पर एक मंच से लोगों को संबोधित किया। आइए जानें दोनों की कुछ ख़ास बातें-
लालू-नीतीश के बोल-
- जो वादे किए गए थे कि अच्छे दिन आएंगे, लेकिन अभी तक तो अच्छे दिन नहीं आए। हां बीजेपी के लिए जरूर अच्छे दिन आ गए हैं।
- चुनाव से पहले तमाम बीजेपी नेताओं ने लोकलुभावन सपने दिखाए लेकिन चुनाव जीतने के बाद सरकार सब भूल गई है।
- मोदी ने जिस दिन प्रधानमंत्री पद का शपथ लिया उसी दिन से अशुभ होना शुरू हो गया है जिससे देश की जनता दुखी नज़र आ रही है।
- किसी भी अच्छे ब्राह्मण से दिखा लें कि जिस समय में उन्होंने शपथ लिया वह दिन कैसा था और तब से अब तक क्या-क्या घटता आया है।
- लालू और नीतीश गंठबंधन को 1 करोड़ 7 लाख वोट मिला था तब मोदी सरकार का हवा हो गया था सबकुछ। भाजपा गणेश जी को दूध पिलाने वाली पार्टी है।
- लालू ने गाने के अंदाज़ में कहा- चुपे-चुपे खड़े हैं जरूर कोई बात है यह लालू-नीतीश की पहली मुलाकात है।
- सी-सैट मामले के जिक्र में कहा कि अब आपके बच्चे आईएएस और आईपीएस नहीं बन सकते हैं।
- कुछ लोगों को सत्ता का नशा चढ़ गया है व भाजपा ने जो कहा था कि अच्छे दिन आने वाले हैं लेकिन अभी तक लोगों को इसका इंतजार ही है।
- भाजपा धर्म के नाम पर उन्माद पैदा करना चाहती है, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को हमसे भय है।












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