Aero India 2019: जानिए IAF की एरोबैटिक टीम सूर्य किरण के बारे में
बेंगलुरु। मंगलवार को बेंगलुरु में आयोजित हो रहे एरो-इंडिया 2019 में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पर सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (एसकेएटी) के एयरक्राफ्ट टकरा गए। इस हादसे में एक पायलट की मौत हो गई जबकि तीन पायलट घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के साथ यह अब तक का सबसे बड़ा हादसा है। सूर्य किरण एरोबैटिक टीम ट्रेनर जेट हॉक के साथ आसमान में करतब दिखाती है। यह हादसा कई तरह के सवाल भी खड़े करता है। एक फरवरी को बेंगलुरु में ही इंडियन एयरफोर्स का फाइटर जेट मिराज-2000 क्रैश हो गया था और इस घटना में दो पायलट शहीद हो गए थे। यह घटना उस समय हुई जब एरो-इंडिया की रिहर्सल चल रही थी। घटना इसलिए और ज्यादा सवाल खड़ी करती है जब 60 लोगों की टीम एयरक्राफ्ट की मेंनटेंस का काम करती है।
यह भी पढ़ेंAero India 2019: विंग कमांडर शहीद साहिल गांधी को आसमान में दी गई सलामी

क्या है सूर्य किरण एरोबैटिक टीम
नौ एयरक्राफ्ट के साथ सूर्य किरण एरोबैटिक टीम कई अहम मौकों पर आसमान में करतब दिखाती है। इस स्क्वाड्रन में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के बने एचजेटी-16 किरन एमके 2 मिलिट्री एयरक्राफ्ट साल 2011 तक थे। उस समय इन्हें कर्नाटक के बीदर एयरफोर्स स्टेशन पर बेस किया गया था। फरवरी 2011 में इसे सस्पेंड कर दिया गया और फिर साल 2017 में हॉक एमके-132 एयरक्राफ्ट के साथ फिर से स्क्वाड्रन तैयार की गई। इंडियन एयरफोर्स में एरोबैटिक्स टीम कोई नहीं बात नहीं है।

साल 1982 में पहली फॉर्मेशन टीम
साल 1944 में एयरफोर्स के पास एक डिस्प्ले फ्लाइट थी। इसके बाद एड हॉक्स टीमों को तैयार किया गया जो कि एयरफोर्स डे जैसे कार्यक्रमों पर एरोबैटिक के जरिए शक्ति प्रदर्शन करती थी। इसके बाद इंडियन एयरफोर्स ने साल 1982 में द थंडरबोल्ट्स के नाम से एक एरोबैटिक टीम बनाई। इस टीम में अलग-अलग स्क्वाड्रन के फाइटर पायलट्स को चुना जाता था। इस टीम ने पहली बार सन 1989 में सार्वजनिक तौर पर अपनी परफॉर्मेंस दी थी।

90 के दशक में नई फॉर्मेशन टीम
थंडरबोल्ट्स जो अनुभव आईएएफ को मिला, उसकी मदद से बीदर में साल 1990 में एक फॉर्मेशन एरोबैटिक टीम तैयार की गई। इस टीम में चार एयरक्राफ्ट थे और यह किरन-II ट्रेनर जेट्स थे। इस टीम ने हालांकि कभी कोई पब्लिक डिस्प्ले नहीं किया लेकिन हमेशा यह बात सुनिश्चित की गई कि एयरफोर्स में एरोबैटिक स्किल्स को बरकरार रखा जाए। साल 1996 से आईएएफ ने पहले बडे़ एयर शो का आयोजन किया।

मई 1996 में नया मुकाम
मई 1996 में विंग कमांडर कुलदीप मलिक जो थंडरबोल्ट्स के आने के समय फ्लाइट लेंफ्टिनेंट थे, एरोबैटिक टीम को तैयार करने के लिए बीदर आए। इस टीम के साथ मलिक बतौर इंस्ट्रक्टर जुड़े थे। 27 मई 1996 को बीदर एयरफोर्स स्टेशन पर पहली सूर्य किरण फॉर्मेशन एरोबैटिक टीम (स्कैट) तैयार हुई जिसमें उस समय छह एयरक्राफ्ट थे। इसी दिन इस टीम ने पहली सफल सॉर्टी को पूरा किया।

देखते ही देखते मिली पॉपुलैरिटी
देखते ही देखते स्कैट आईएएफ की वह टीम बन गई जिसके करतब देखने के लिए लोग बेकरार रहे थे। 15 सितंबर 1996 को कोयंबटूर के एयरफोर्स एडमिनिस्ट्रेटिव कॉलेज के गोल्डन जुबली कार्यक्रम के दौरान स्कैट के छह एयरक्राफ्ट ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर आसमान में कारतब दिखाए। स्कैट की टीम को लोगों की जमकर तालियां मिलीं और इसके बाद से हर कोई सूर्य किरण को देखने के लिए उत्सुक रहने लगा।

1998 में पहला पब्लिक डिस्प्ले
साल 1998 में विंग कमांडर एके मुरुगई के साथ बतौर सीओ इस टीम में नौ एयरक्राफ्ट को शामिल किया गया। सिर्फ दो वर्ष के अंदर ही नौ एयरक्राफ्ट का शामिल होना एक बड़ी उपलब्धि माना गया था। पहली टीम ने साल 1998 में लाल किले में हुए स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में परफॉर्म किया था। इसके बाद उसी वर्ष एयरफोर्स डे के मौके पर आठ अक्टूबर को भी स्कैट ने परफॉर्म किया था।

श्रीनगर में किया परफॉर्म
इसके बाद स्कैट की टीम ने देशभर के 72 शहरों में 500 डिस्प्लेज दिए और श्रीनगर से तिरुवंतपुरम तक लोगों को अपने जादू से बांधकर रखा। एक मई 2006 को सूर्य किरण की यह टीम आईएएफ की 52वीं स्क्वाड्रन बन गई थी। स्कैट की टीम ने जुलाई 2003 में 5436 फीट की ऊंचाई पर श्रीनगर में डल झील के ऊपर अपनी जादुई परफॉर्मेंस से समां बांध दिया था। टीम श्रीलंका, म्यांमार, थाइलैंड और सिंगापुर तक परफॉर्म कर चुकी है।

फरवरी 2011 में ग्राउंडेड
फरवरी 2011 में परफॉर्मेंस के बाद सूर्य किरण टीम को ग्राउंडेड कर दिया गया था। एयरफोर्स के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट की वजह से यह फैसला लिया गया था। फरवरी 2015 में सूर्य किरण को चार टीमों के साथ फिर से लाया गया और इस बार इसमें ब्रिटिश हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर थे। इन जेट्स को एचएएल में ही असेंबल किया था। टीम ने उस समय तीन अहम कार्यक्रमों में परफॉर्म किया था।
-
RCB vs CSK Pitch Weather: चिन्नास्वामी की पिच पर चेन्नई की अग्निपरीक्षा! क्या बारिश बिगाड़ेगी बेंगलुरु का खेल? -
Bengaluru Power Cut Update: वीकेंड पर होगा मेगा पावर कट या मिलेगी राहत? लेटेस्ट अपडेट जान लें -
'मुझे उस शादी में नहीं रहना', Aishwarya Rai संग 19 साल के रिश्ते पर पति अभिषेक बच्चन का बड़ा बयान -
'Raghav Chadha अगला शिकार', 1.5 साल पहले Kumar Vishwas की सटीक भविष्यवाणी! सुने VIDEO में क्या-क्या कहा? -
'मैं कुछ गलत नहीं करती', 54 साल की Hema का पब वीडियो वायरल, पुलिस की रेड में एक्ट्रेस को ये क्या हुआ? -
Raghav Chadha:'परिणीति ने खत्म किया पति का करियर',अभिनेत्री पर क्यों भड़के लोग? क्या है PM मटेरियल वाली बात? -
Ajay Devgn की जीप के सामने आया बच्चा, 15 Minute तक बीच सड़क पर 25 लोगों ने जमकर पीटा, क्या हुई बात? -
US Pilot कौन है, जिसे F-15E विमान मार गिराने के बाद ईरान की IRGC ने दबोचा? पेंटागन चुप क्यों? -
LPG Cylinder Price Today: आज बदल गए घरेलू गैस के दाम? सिलेंडर बुक करने से पहले चेक करें नई रेट लिस्ट -
BJP लिस्ट से बाहर ‘सिंघम’ Annamalai! क्यों नहीं मिला टिकट? ‘साउथ फेस’ गायब होने के पीछे ये है अंदर की कहानी -
Gold Rate Today: गुड फ्राइडे पर सोने में बड़ी गिरावट! ₹4245 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22K, 18K के रेट -
Gold Rate Today: सोना लगातार हो रहा सस्ता, 3500 गिरे दाम, क्या खरीदारी का सही मौका? 22K-18K गोल्ड के नए रेट












Click it and Unblock the Notifications