अडानी समूह के गौतम अडानी ने पूर्वोत्तर भारत के विकास में ऐतिहासिक ₹1 लाख करोड़ का निवेश का अनावरण किया
गौतम अडानी ने अगले दशक में पूर्वोत्तर भारत में स्मार्ट ऊर्जा और स्थानीय समुदाय के विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए, ₹1 लाख करोड़ का महत्वपूर्ण निवेश करने की घोषणा की। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र के लिए दृष्टिकोण के अनुरूप है।
गौतम अदाणी ने अपने उद्बोधन में कहा, "पिछले दशक में पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों और घाटियों में भारत की विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है — विविधता, जिजीविषा और असीम संभावनाओं से भरी यह धरती अब आर्थिक और रणनीतिक उन्नति का केंद्र बन चुका है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्थ ईस्ट डेवलपमेंट के विजन की सराहना करते हुए गौतम अदाणी ने कहा, "एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट, एक्ट फर्स्ट" का मंत्र इस क्षेत्र के लिए नींव का पत्थर साबित हुआ है। प्रधानमंत्री की 65 व्यक्तिगत यात्राएं और 6.2 लाख करोड़ रुपये का निवेश, 16,000 किलोमीटर तक फैला हुआ सड़क नेटवर्क और 18 हवाई अड्डों का निर्माण — यह केवल नीतियां नहीं हैं, यह एक विचारधारा है, एक प्रतिबद्धता है।"
इससे पहले मार्च 2025 में अदाणी समूह ने असम में ₹50,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की थी। अब, इस समिट में अदाणी ने उस राशि को दोगुना करते हुए कुल निवेश को ₹1 लाख करोड़ तक पहुंचा दिया है।
अदाणी समूह का यह निवेश ग्रीन एनर्जी, हाइड्रो और पंप्ड स्टोरेज, पावर ट्रांसमिशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट मीटर, सड़क और राजमार्ग, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों पर केंद्रित होगा। खास बात यह है कि यह निवेश सिर्फ संरचना नहीं, बल्कि मानव संसाधन में होगा।
स्थानीय समुदायों को प्राथमिकता
गौतम अदाणी ने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं में स्थानीय लोगों को रोजगार, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा और समुदाय की सहभागिता को प्राथमिकता दी जाएगी। यह ‘विकसित भारत 2047’ के सपने की बुनियाद मानी जा सकती है।म उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री जी, हम आपके विजन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। पूर्वोत्तर के मुख्यमंत्री और माननीय उत्तर पूर्व मंत्री, हम आपके लोगों का हाथ थामेंगे साथ ही हम आपकी प्रतिबद्धता की प्रतिध्वनि बनेंगे।" गौतम अदाणी ने पूर्वोत्तर के लोगों से सीधे संवाद करते हुए कहा, "हम अदाणी समूह के लोग आपके सपनों, आपकी गरिमा और आपके भाग्य के साथ खड़े रहेंगे।"
यह ऐलान न केवल एक निवेश का वादा है, बल्कि यह पूर्वोत्तर के लोगों के प्रति एक समर्पण का संदेश है कि भारत की विकासगाथा का अगला अध्याय अब पूर्वोत्तर से लिखा जाएगा।












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