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फर्जी पासपोर्ट मामले में मोनिका बेदी को 12 साल बाद राहत, कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

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जबलपुर। बॉलीवुड अभिनेत्री मोनिका बेदी के फर्जी पासपोर्ट मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने सुरक्षित फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले की 12 साल तक चली सुनवाई पूरी करते हुए जिला अदालत के फैसले को सही बताया है। फैसला अभिनेत्री के पक्ष में आया है। साल 2007 में भोपाल जिला अदालत ने मोनिका बेदी को फर्जी पासपोर्ट वाले मामले में बरी कर दिया था।

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वहीं हाईकोर्ट ने जिला अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। अभिनेत्री पर आरोप था कि उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम की मदद से भोपाल में अपना फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। जिसमें उनका नाम फौजिया उस्मान दर्ज था। इस मामले में भोपाल जिला अदालत ने मोनिका को साल 2007 में बरी कर दिया था।

इसके बाद राज्य सरकार ने साल 2007 में निचली अदालत के फैसले को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन राज्य सरकार की ये पुनर्विचार याचिका बीते 12 साल से लंबित थी। राज्य सरकार ने मामले की सुनवाई के दौरान मोनिका बेदी पर कार्रवाई की मांग भी की थी।

जबकि मोनिका ये दावा कर रही थीं कि वह बेकसूर हैं और जांच एजेंसी के पास उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। उन्हें सबूतों के अभाव में ही भोपाल जिला अदालत ने रिहा किया था। अब जबलपुर हाईकोर्ट ने भी अभिनेत्री के पक्ष में ही फैसला सुनाया है।

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English summary
actress monika bedi gets relief from mp high court in fake passport case after 12 years of hearing.
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