'अग्निपथ' को लेकर अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया ग्रुप पर शिकंजा, 35 व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रतिबंध
नई दिल्ली, 19 जून। सेना भर्ती की नई योजना अग्निपथ को लेकर फर्जी सूचना के जरिए युवाओं को भड़काने वाले सोशल मीडिया ग्रुप्स सख्ती बरती जा रही है। केंद्र सरकार ने गलत सूचना फैलैने के के आरोप में 35 व्हाट्सएप ग्रुप पर कार्रवाई की है। इन सभी को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

केंद्र ने इसी सप्ताह मंगलवार को भारतीय युवाओं के लिए सशस्त्र बलों भर्ती की नई स्कीम अग्निपथ की घोषणा की। दो दिन पूर्व गत शुक्रवार को सेना की नई भर्ती योजना अग्निपथ की घोषणा के बाद बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान और हैदराबाद समेत कई राज्यों में युवाओं ने जमकर विरोध किया। इस दौरान गुस्साई भीड़ ने तेलंगाना में कई ट्रेनों में आग लगा दी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हजारों आंदोलनकारी कथित तौर पर सिकंदराबाद के एक रेलवे स्टेशन में घुस गए और एक यात्री ट्रेन के एक डिब्बे में आग लगाने की कोशिश की, जिसमें लगभग 40 लोग सवार थे। हालांकि रेलवे कर्मचारियों ने सूझबूझ से इनको बचाया और उन्हें बगल के कोच में ले गए।
अग्निपथ के निर्णय पर पीछे हटने के सवाल नहीं: केंद्र
विरोध के बीच रविवार को रक्षा मंत्रालय साफ कर दिया कि केंद्र सरकार अब अपने फैसले से हटने वाली नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि सियाचिन और अन्य क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में 'अग्निवर' को वही भत्ता मिलेगा जो वर्तमान में सेवारत नियमित सैनिकों पर लागू होता है और रुपये का मुआवजा मिलता है। जवानों के शहीद होने पर 1 करोड़ रुपये भी दिए जाएंगे। लेकिन केवल अग्निपथ योजना से ही भारतीय सेना में भर्तियां होंगी।
सेना के उच्च अधिकारियों ने कही ये बात
एयर मार्शल एसके झा ने कहा कि 24 जून से अग्निवीर बैच नंबर 1 पंजीकरण प्रक्रिया और 24 जुलाई से चरण 1 ऑनलाइन परीक्षा प्रक्रिया शुरू होगी। पहला बैच दिसंबर तक नामांकित होगा और प्रशिक्षण 30 दिसंबर तक शुरू जाएगा। सेना के वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि इस साल 21 नवंबर से पहला नौसैनिक अग्निवीर की पहला बैच ओडिशा के चिल्का ट्रेनिंस सेंटर में पहुंचना शुरू हो जाएगा। यहां महिला और पुरुष दोनों श्रेणी के अग्निवीरों के ट्रेनिंग की व्यवस्था है। वहीं लेफ्टिनेंट जनरल बंसी पोनप्पा ने बताया कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक सेना को 25 हजार 'अग्निवर' का पहला बैच मिलेगा।
गलत सूचना फैलाने वाले 35 व्हाट्सएप ग्रुप पर कार्रवाई
सरकार गलत सूचना फैलाने और हिंसा भड़काने में शामिल लोगों पर नजर रख रही है। अग्निपथ पर फर्जी खबरें फैलाने और युवाओं को गुमराह करने के आरोप में कम से कम 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। केंद्र सरकार ने गलत सूचना फैलाने के आरोप में 35 व्हाट्सएप ग्रुप पर कार्रवाई की है। इन सभी को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस ग्रुप की सारी सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
उपद्रवियों पर कार्रवाई
अग्निपथ के विरोध में हिंसा भड़काने और सरकारी संपत्तियों के नुकसान को लेकर केंद्र सरकार सख्त है। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर हिंसा भड़काने के मामले में एक पूर्व सैनिक की पहचान की गई है, जिसे कथित रुप से व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हिंसा भड़काने का जिम्मेदार माना जा रहा है। वहीं बिहार, मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में उपद्रवियों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जा रही है।












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