• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अगर आप भी खाते हैं एसिडिटी की ये दवा तो हो जाएं सावधान, हो सकता है कैंसर

|

अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक एफडीए के रेनिटिडिन नामक दवा के लिए चेतावनी जारी करने के बाद अब मोदी सरकार ने भी इसके खिलाफ कदम उठाया है। सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य नियामकों को खत लिखते हुए कहा है कि इस दवा के सैंपल की अच्छे से जांच करें।

चेतावनी जारी करते हुए सरकार ने कहा है कि इस दवा में ऐसे रसायन पाए जाते हैं, जिससे कैंसर होता है। बता दें ये सस्ते दाम पर मिलने वाली एक बहुत पुरानी दवा है, जिसका इस्तेमाल पेट की एसिडिटी को कम करने के लिए किया जाता है।

Medicine

इससे पहले यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने 13 सितंबर को रेनिटिडिन के लिए चेतावनी जारी की थी। जिसमें कहा गया कि इस दवाई में एन-नाइट्रोसोडिमिथलेमाइन (एनडीएमए) का निम्न स्तर पाया जाता है। ये एक ऐसा उत्पाद है जिससे कैंसर होता है।

किसानों को कर्जमाफी के नाम पर छला गया है: प्रियंका गांधी वाड्रा

 एन-नाइट्रो उत्पाद मौजूद

एन-नाइट्रो उत्पाद मौजूद

द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई), वीजी सोमानी द्वारा लिखे खत में कहा गया है, "कई अन्य देशों से ये पता चला है कि कुछ रेनिटिडिन दवाओं में एक नाइट्रोसमाइन अशुद्धता पाई गई है, जिसे एन-नाइट्रो (एनडीएमए) कहा जाता है।"

23 सितंबर की तारीख के साथ लिखे इस खत में कहा गया है, "आपसे अनुरोध है कि अपने उत्पादों को सत्यापित करने और रोगी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय करने के आपके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत रेनिटिडिन एपीआई और फॉर्मूले के निर्माताओं से बातचीत करें।"

इसमें आगे लिखा है, "मामले में की गई कार्रवाई के बारे में इस कार्यालय को जल्द से जल्द सूचित करें।" रेनिटिडिन आमतौर पर भारत में डॉक्टरों द्वारा एसिड-संबंधी खांसी, अपच, पेट दर्द और जलन को ठीक करने के लिए दी जाती है।

दो कंपनियों ने उठाए सुरक्षा कदम

दो कंपनियों ने उठाए सुरक्षा कदम

हालांकि डीसीजीआई ने दवा की वापसी को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। लेकिन दो निजी दवा निर्माताओं ने अपनी ओर से सुरक्षा कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हैदराबाद स्थित फार्मा जियांट, डॉक्टर रेड्डीस लेबोरेट्रीज ने बीते हफ्ते दुनिया भर में रेनिटिडिन की आपूर्ति को निलंबित करने की घोषणा की थी।

वहीं मुंबई में जेबी कैमिकल्स और फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ने परीक्षण के लिए दवा के सैंपल भेजे हैं। रेनिटिडिन दवा का निर्माण रैंटैक ब्रांड के तहत जेबी कैमिकल्स करता है। इसके अलावा ये दवा भारत में एसिलौक और जिंटैक के नाम से भी उपलब्ध है।

डीसीजीआई के पत्र के अनुसार, "रेनिटिडिन देश में टैबलेट और इंजेक्शन सहित कई रूपों में मिलती है। रेनिटिडिन दवाई अनुसूची एच में शामिल एक दवा है, जिसे डॉक्टरों द्वारा प्रेरक्राइब किए गए पर्चे के आधार पर बेचा जाता है।" डीसीजीआई ने दवा नियामकों को भी सूचित किया है कि एनडीएमए को कैंसर पर इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च द्वारा वर्गीकृत किया गया है, जिससे मनुष्यों को कैंसर होता है।

अभी भी जांच जारी

अभी भी जांच जारी

एफडीए ने अपने बयान में, विशेष रूप से जिंटैक ब्रांड का उल्लेख किया है - जो कि फ्रेंच फार्मा प्रमुख, सनोफी द्वारा निर्मित है। इसके बारे में कहा गया है, "कुछ रेनिटिडिन दवाएं, जिनमें कुछ उत्पाद पाए जाते हैं, खासतौर पर जिंटैक ब्रांड में।

इस उत्पाद का नाम एन-नाइट्रोसोडिमिथलेमाइन है।" हालांकि सनोफी ने कहा है कि वह भारत में दवा नहीं बेचती है। एफडीए अभी भी इस बात की जांच कर रहा है कि क्या एनडीएमए के निम्न स्तर - रेनिटिडीन जो सामान्य और ब्रांड दोनों तरह से पाई जाती है - रोगियों के लिए किसी भी तरह का जोखिम उत्पन्न करती है।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Acidity drug Ranitidine containing cancer causing substances
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more