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जेएनयू नारेबाजी मामले में आज आ सकता है बड़ा फैसला, शाम तीन बजे होगी सुनवाई

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नई दिल्लीः जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ( जेएनयू ) में देश विरोधी नारे लगाने वाले मामले में आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति दिल्ली सरकार ने अभी तक पुलिस को अनुमति नहीं दी है। बुधवार को ये जानकारी दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को दी और कहा कि इस मामले में स्थिति पहले जैसी ही बनी हुई है।

according to delhi police delhi government not give premission on jnu sedition case

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि मामले को लेकर दिल्ली सरकार अभी भी विचाराधीन बता रही है। वहीं कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि क्या पुलिस ने सरकार से मामले में चार्जशीट दाखिल करने से पहले अनुमति मांगी थी या बाद में, तो दिल्ली पुलिस ने जवाब में कहा कि नारेबाजी के मामले में चार्जशीट 14 जनवरी को दाखिल की गई थी और उसी दिन सरकार को भी इसकी जानकारी दे दी गई थी।

बता दें कि इस मामले पर आज यानी कि बुधवार को तीन बजे कोर्ट में सुनवाई होगी। बता दें की साल 2016 में 9 फरवरी को दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में आतंकवादी अफजल गुरू के समर्थन और देश के विरोध में नारे लगाए गए थे।

इस दौरान इस मामले में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को आरोपी बनाया गया है, कन्हैया कुमार को घटना के 4 दिन बाद गिरफ्तार किया गया था। कन्हैया कुमार के अलावा इस मामले में दो और छात्रों ने यानि उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था।

JNU Sedition Case: कन्हैया पर नहीं चलेगा देशद्रोह का मुकदमा, दिल्ली सरकार ने नहीं दी मंजूरी

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English summary
according to delhi police delhi government not give premission on jnu sedition case
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