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#Aadhar मामले पर सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों वाली बेंच ने शुरू की सुनवाई

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    नई दिल्ली। 'आधार' की अनिवार्यता के मामले में सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने सुनवाई शुरू कर दी है। ये बेंच आधार से जुड़े सभी मामलों पर सुनवाई कर रही है। इसमें आधार कार्ड की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। आधार से निजता के उल्लंघन को लेकर देश में चल रही बहस के बीच इस सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संवैधानिक पीठ यह फैसला करेगी कि क्या आधार व्यक्ति के निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है या नहीं।

    आधार मामले को लेकर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई

    आधार मामले को लेकर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई

    मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस एके सीकरी, जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस अशोक भूषण की संवैधानिक बेंच इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सुनवाई कर रही है। इससे पहले 19 जनवरी को आधार विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि जब लोग अपने आप बीमा कंपनी को व मोबाइल कंपनी को जानकारी दे सकते हैं तो वह सरकार को यह जानकारी क्यों नहीं दे सकते हैं। पीठ ने कहा था कि आप बीमा चाहते हैं तो प्राइवेट कंपनी के पास जाते हैं, जब आप मोबाइल कनेक्शन चाहते हैं तो प्राइवेट कंपनी के पास जाते हैं और उनके साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा करते हैं, सरकार भी इस विकल्प को अपना रही है, जैसे ही सरकार आपसे आपके घर का पता, आईडी प्रूफ मांगती है तो आप इससे इनकार कर देते हैं।

    सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर याचिकाकर्ता के वकील श्याम दीवान ने कहा कि जानकारी देने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन आपकी यह जानकारी किसी ऐसे को दी जाए जिसे आप नहीं देना चाहते हैं, वह दिक्कत है। दीवान याचिकाकर्ता के वकील हैं, इस मामले में याचिकाकर्ता कर्नाटक हाई कोर्ट के पूर्व जज केएस पुट्टस्वामी हैं, उनके अलावा कई एक्टिविस्ट अरुणा राय, शांता सिन्हा और सीपीआई नेता वीएस अच्युतानंद हैं। जिन्होंने कोर्ट में याचिका दायर करके कहा था कि सरकार लोगों को व्यक्तिगत जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है, वह भी एक प्राइवेट कंपनी को, क्योंकि यह मूल अधिकारों का उल्लंघन है।

    विभिन्न योजनाओं से आधार लिंक की समय सीमा 31 मार्च 2018 है

    विभिन्न योजनाओं से आधार लिंक की समय सीमा 31 मार्च 2018 है

    बता दें कि पिछले साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की संवैधानिक पीठ ने निजता को मौलिक अधिकार माना था। जिसके बाद आधार को लेकर बहस शुरू हो गई थी। पिछले साल 15 दिसंबर को संवैधानिक पीठ ने बैंक खातों और मोबाइल नंबर समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ आधार को लिंक करने की समय सीमा 31 मार्च 2018 तक बढ़ा दी गई थी। इससे पहले यह 31 दिसंबर 2017 थी।

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    English summary
    Aadhaar: Supreme Court five judge Constitution bench hearing arguments connection with constitutional validity.

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