• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

भारत-चीन युद्ध के 56 साल बाद मिला मुआवजा, करोड़पति बन गया पूरा गांव

|

नई दिल्ली। भारत-चीन युद्ध के 56 साल बाद अरूणाचल प्रदेश के एक गांव के ग्रामीणों को उनकी जमीन के मुआवजे के तौर पर 38 करोड़ रुपये मिले हैं। ग्रामीणों की इस जमीन का अधिग्रहण भारतीय सेना ने अपना बेस, बंकर और बैरक के निर्माण के लिए किया था। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेण रिजिजू ने अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ ग्रामीणों को मुआवजे का चेक सौंपा। मुआवजे का चेक मिलने के बाद इस गांव के ग्रामीण करोड़पति बन गए हैं।

इसे भी पढ़ें:- 2019 में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर दिग्गज कांग्रेसी नेता का बड़ा बयान

किरेन रिजिजू ने सौंपा चेक

किरेन रिजिजू ने सौंपा चेक

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू और अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पश्चिमी कामेंग जिले में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ग्रामीणों को मुआवजे की राशि का चेक सौंपा। इस मौके पर किरण रिजिजू ने बताया कि ग्रामीणों को कुल 37.73 करोड़ रुपये के चेक दिए गए हैं। यह एक सामुदायिक भूमि थी से में उन्हें जो राशि दी गई है उसे ग्रामीणों के बीच बांटा जाएगा।

ग्रामीणों को कुल 37.73 करोड़ रुपये का चेक सौंपा गया

ग्रामीणों को कुल 37.73 करोड़ रुपये का चेक सौंपा गया

जिन लोगों को मुआवजे का चेक मिला है उनमें प्रेम दोरजी ख्रीमे शामिल हैं, जिन्हें 6.31 करोड़ रुपये मिले हैं, वहीं फुंटसो खावा को 6.21 करोड़ रुपये और खंडू ग्लो को 5.98 करोड़ रुपये की राशि मिली है। बता दें कि 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद सेना ने अपने बेस बनाने, बंकर और बैरक निर्माण के लिए जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इस दौरान सड़कों के निर्माण, पुलों के निर्माण और दूसरे प्रतिष्ठानों की स्थापना के लिए भी जमीन अधिग्रहित की गई थी। हालांकि यहां के ग्रामीणों पिछले साल तक ग्रामीणों को उनकी जमीन का कोई मुआवजा नहीं मिला था।

भारत-चीन युद्ध: जमीन अधिग्रहण मामले में मुआवजा

भारत-चीन युद्ध: जमीन अधिग्रहण मामले में मुआवजा

इससे पहले अप्रैल 2017 में पश्चिमी कामेंग जिले के तीन गांवों के 152 परिवारों को मुआवजे के तौर पर 54 करोड़ रुपये दिए गए थे। पिछले साल सितम्बर में ही ग्रामीणों को 158 करोड़ रुपये की एक और इंस्टालमेंट दी गई। यह राशि उनकी निजी भूमि की बदले में दी गई थी, जिसका अधिग्रहण सेना ने किया था। फरवरी 2018 में तवांग जिले में 31 परिवारों को 40.80 करोड़ रुपये दिए गए। अरूणाचल प्रदेश में भूमि अधिग्रहण के लंबित मामले तवांग, पश्चिमी कामेंग, अपर सुबनसिरी, दिबांग घाटी और पश्चिमी सियांग जिलों के थे।

किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का जताया आभार

किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का जताया आभार

केंद्रीय मंत्री किरेण रिजिजू अरुणाचल प्रदेश से आते हैं, उन्होंने इस मामले में रक्षा मंत्रालय से बात की और मुआवजे की राशि मंजूर की गई। उन्होंने कहा कि सेना ने राष्ट्रीय हित में जमीन का अधिग्रहण किया था, लेकिन 1960 से अब तक किसी भी सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के ग्रामीणों को मुआवजे का भुगतान की कोशिश नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण का आभारी हूं कि उन्होंने इसे मंजूरी दी। कुल 37.73 करोड़ रुपये के चेक सौंप दिए गए हैं।

इसे भी पढ़ें:- एनडी तिवारी की श्रद्धांजलि सभा में हंसते नजर आए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, विपक्ष ने उठाए सवाल

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
56 Years After Indo China War Arunachal Villagers Get Land Compensation.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more