क्या पांच कारण बनाते हैं नमो सरकार को यूपीए से बेहतर

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नरेन्द्र मोदी की सरकार को देश और दुनिया बहुत आशा भरी निगाहों से देख रही है। सत्ता में आने से पहले भाजपा द्वारा किए वादों ने जनता के मन में बेहतर भविष्य का एक असीम विश्वास पैदा किया है। जो यूपीए सरकार ने बिगाड़ा था। उसे बनाने का काम एनडीए को करना है। लेकिन इन चुनौतियों के साथ ही नरेन्द्र दामोदर दास मोदी की इस 24 कैबिनेट सदस्यों की सरकार में ऐसी कौन सी बातें हैं, जो इसे पिछली सरकार से जुदा करती है।

1. महिलाओं की बेहतर भागीदारी

नरेन्द्र मोदी के 24 कैबिनेट सदस्यों में 6 महिलाएं शामिल हैं। या यूं कहा जा सकता है कि कैबिनेट में एक चौथाई सदस्य महिलाएं हैं। सुषमा स्वराज, नेजमा हेपतुल्ला, स्मृति इरानी, मेनका गांधी, उमा भारती और हरसिमरत कौर बादल को कैबिनेट का महत्वपूर्ण अंग बनाकर, मोदी सरकार ने यह तो साफ कर दिया है कि यह सरकार महिलाओं के हित में काम करने से पीछे नहीं रहेगी।

वहीं, कैबिनेट की साइज को लेकर नरेन्द्र मोदी ने खासा ध्यान दिया है। लिहाजा, सदस्यों की संख्या न्यूनतम रखते हुए उन्होंने 24 लोगों को कैबिनेट में शामिल किया। वहीं इसकी तुलना में यूपीए सरकार में 28 लोगों का समूह काम करता था।

2. पूंजीपतियों की जगह नहीं

कुल संपत्ति के मामले में यह कैबिनेट पिछली कैबिनेट से काफी पीछे है। इस सरकार की जहां औसत संपत्ति 4.7 करोड़ की है। वहीं पिछली सरकार में यह औसत 13 करोड़ की थी। मोदी सरकार के कैबिनेट में सबसे ज्यादा पूंजी वाले सदस्य अरुण जेटली हैं। जिनके पास कुल 113 करोड़ की संपत्ति है।

3. युवा सरकार

युवा सरकार माने जानी वाली नमो सरकार की यह सबसे सकारात्मक पहलु है। इस कैबिनेट में एक ओर जहां कम उम्र का चेहरा स्मृति इरानी मौजूद है। वहीं, कैबिनेट में अब तक की सबसे उम्रदराज महिला नेजमा हेपतुल्ला भी शामिल हैं। मोदी सरकार के इस कैबिनेट की औसत आयु 60 वर्ष है, वहीं पिछली सरकार में यह 68 वर्ष थी।

4. परिवारवाद में कमी

नरेन्द्र मोदी ने यूपीए सरकार पर हमेशा परिवारवाद को लेकर निशाना साधा है। लिहाजा, अपनी कैबिनेट बनाते वक्त उन्होंने इस विषय पर गंभीरता से ध्यान दिया है। जी हां, मोदी के कैबिनेट में सिर्फ तीन नाम ऐसे हैं, जो किसी राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हों। वहीं यूपीए सरकार में इसकी संख्या पांच थी।

5. उच्च शिक्षा के लिए भारत बेहतर

नरेन्द्र मोदी कैबिनेट के लगभग सभी सदस्यों ने भारत में ही उच्च शिक्षा लिया। अगर देखा जाए तो नेजमा हेपतुल्ला के अलावा सबने स्वदेशी सरजमीं पर ही पढ़ाई पूरी की है। वहीं यूपीए सरकार विदेश जाकर उच्च शिक्षा लेने वालों की संख्या आठ थी। यूपीए और एनडीए दोनों सरकारों में लॉ की डिग्री लिए सदस्यों की संख्या नौ है।

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