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सर्वे: संबंध से मना करने और पति की बात न मानने पर पिटाई को सही मानती हैं 49% महिलाएं

By Ankur Kumar
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    मुंबई। घरेलू हिंसा के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच नेशनल फैमिली हेल्‍थ सर्वे ने एक चौकाना वाला आंकड़ा पेश किया है। आप जानकर हैरान रह जाएंगे 49 प्रतिशत महिलाएं जो अपने पतियों के हाथो से मार खाती हैं वो इसे गलत नहीं मानतीं। इस सर्वे में महिलाओं ने ये माना है कि अगर वो अपने पति की बात नहीं मानतीं, घर का काम नहीं करतीं, बच्चों का ध्यान नहीं रखतीं या फिर शारीरिक संबंध से मना करती हैं और उनका पति इसके लिए उन्हें पीटता है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। विस्‍तार से जानिए सर्वे रिपोर्ट

    75 प्रतिशत औरतों ने बताया- पति नशे में हाथ उठाते हैं

    75 प्रतिशत औरतों ने बताया- पति नशे में हाथ उठाते हैं

    नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-2016 में घरेलू हिंसा को लेकर एक चौकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। कुल 3672 महिलाओं में से लगभग 75 प्रतिशत औरतों ने बताया कि शराब पीने की वजह से पति गुस्से में आकर उन पर हाथ उठाते हैं। केवल 16 महिलाओं के पति केवल चाय पीते थे। हालांकि, वे फिर भी अपनी पत्नियों पर हाथ उठाते थे। सर्वे में यह बात सामने आई है कि 20 प्रतिशत महिलाओं को उनके पति उन्हें थप्पड़ मारते हैं।

    सर्वे में 4,658 महिलाओं और 4,497 पुरुषों को शामिल किया गया

    सर्वे में 4,658 महिलाओं और 4,497 पुरुषों को शामिल किया गया

    यह सर्वे में महाराष्ट्र में 15 से 49 साल की उम्र की 4,658 महिलाओं और 4,497 पुरुषों के साथ किया गया था। ठाणे की मेयर मीनाक्षी शिंदे ने बताया कि उन्हें कई बार घरेलू हिंसा की शिकायतें मिलती हैं लेकिन वे महिलाएं परंपरा या पारिवारिक मूल्यों के नाम पर झुक जाती हैं। उन्होंने बताया कि कई महिलाएं तो अपने पति के खिलाफ खड़े होने का आत्मविश्वास ही नहीं जुटा पाती हैं। शिंदे का कहना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के बारे में सोचने की जगह उनके लिए क्या सही इसके बारे में सोचना चाहिए।

    महिलाएं क्‍यों नहीं करती शिकायत

    महिलाएं क्‍यों नहीं करती शिकायत

    सर्वे में सामने आए इन चौंका देने वाले आंकड़ों के बारे में ठाणे की मेयर मीनाक्षी शिंदे ने बताया कि कई बार उन्हें घरेलू हिंसा से जुड़ी शिकायतें मिलती हैं लेकिन वो इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पाती क्योंकि महिलाएं परंपरा या फिर अपने पारिवारिक मूल्यों के नाम पर पीछे हट जाती हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कई महिलाएं तो अपने पति के खिलाफ बोलने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाती हैं।

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    English summary
    49 Percent of Maharashtra women feel domestic violence is justified, finds in National Family Health Survey.

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