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कोरोना संदिग्ध का पूरे गांव ने किया बहिष्कार, युवक ने की आत्महत्या, टेस्ट में नहीं मिला संक्रमण

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नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 3374 हो गए हैं जबकि 79 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसी बीच ऐसे कई लोग भी हैं जो इस महामारी को हराकर पूरी तरह ठीक भी हो चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 267 लोग कोरोना वायरस से ठीक होकर घर जा चुके हैं। देश में कोरोना वायरस को लेकर देश में कई तरह की गलत धारणाएं हैं, बढ़ते मामलों के बीच लोगों में इस महामारी को लेकर गलतफहमी भी बढ़ती जा रही है। हिमाचल प्रदेश में रहने वाला 37 वर्षीय शख्स ऐसे ही गलत धारणा का शिकार हुआ और उसने खुदकुशी कर ली।

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सामाजिक बहिष्कार से तंक आकर की आत्महत्या

सामाजिक बहिष्कार से तंक आकर की आत्महत्या

दरअसल, हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद से वहां के लोगों में डर फैल गया है। कई गांवों में महामारी को लेकर गलत और झूठी अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं जिसे लोग सच मान लेते हैं। ऐसा की एक मामला प्रदेश के बंगागढ़ गांव से सामने आया जहां एक कोरोना के संदिग्ध युवक का गांववालों ने सामाजिक बहिष्कार कर दिया जिसके बाद युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि जब युवक का टेस्ट कराया तो उसमें कोरोना वायरस के संक्रमण नहीं मिला। मृतक युवक की पहचान दिलशाद मुहम्मद के रूप में हुई है।

शनिवार को ही लौटा था घर

शनिवार को ही लौटा था घर

प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिलशाद मुहम्मद को उसके ही गांव द्वारा सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा था। पुलिस अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि दिलशाद को 2 अप्रैल को ऊना के ऊना के एक क्षेत्रीय अस्पताल में क्वारंटाइन किया गया था। उन्होंने बताया कि तबलीगी जमात के मंडली में शामिल होने वाले दो व्यक्तियों के संपर्क में आया था। दिल्ली के निजामुद्दीन से संबंध होने के बाद दिलशाद का टेस्ट कराया गया जिसके रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसे शनिवार के घर वापस छोड़ दिया गया था।

गांव वालों ने किया था अपमान

गांव वालों ने किया था अपमान

दिलशाद डेरी फार्म से जुड़े थे उनका परिवार बांगड गांव में रहता है जहां अधिकांश गुर्जर समुदाय के लोग रहते हैं। उनके परिवार के हिमाचल सरकार द्वारा बीपीएल परिवार के रूप में सूचीबद्ध किया गया था। मोहम्मद की मां उषा देवी ने बताया कि कोरोना संदिग्ध बताए जाने के बाद गांव वाले उनके बेटे का अपमान करने लगे थे जिससे परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली।

लोगों ने बंद कर दिया था दूध लेना

उषा देवी ने बताया कि रविवार सुबह वह नमाज अदा की, परिवार के सभी सदस्यों से मिलीं और फिर एक कमरे के अंदर चली गईं। सुबह काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आया तो परिवार वालों ने उसका दरवाजा खोला और उसे लटका पाया। मुहम्मद की पत्नी अमरदीप ने भी अपने पति का अपमान करने के लिए ग्रामीणों को दोषी ठहराया। उषा देवी ने बताया कि गांव वालों ने उससे दूध लेना भी बंद कर दिया था, मोहम्मद की आय का एकमात्र साधन दूध ही था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करने के बाद मामला दर्ज किया जाएगा।

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English summary
37-year-old man who was allegedly facing social boycott hanged himself in Himachal Pradesh
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