स्वदेशी सामान बेचने वाले डाबर ग्रुप का नाम काला धन लिस्ट में
नई दिल्ली। डाबर ग्रुप, जो पिछले छह दशकों से भी ज्यादा समय से भारत में अपने स्वदेशी सामानों को बेचकर लोकप्रियता हासिल कर चुका है, उस समूह के निदेशक का नाम स्विस बैंकों में जमा काले धन की लिस्ट में मौजूद है।

सरकार की ओर से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में काले धन पर जो हलफनाम दायर किया गया है, उसमें डाबर ग्रुप के प्रदीप बर्मन का नाम दर्ज है।
और कौन कौन से नाम
इंग्लिश न्यूज चैनल टाइम्स नाओ के हवाले से बताया गया है कि सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर इस लिस्ट में डाबर ग्रुप के प्रदीप बर्मन के अलावा गोवा के खनन व्यापारी राधा एस टिंबोलो और राजकोट के बुलियन ट्रेडर पंकज चिमनलाल लोढिया का नाम भी शामिल है।
आपको बता दें कि गोवा की राधा एस टिंबोलो वर्ष 2009-2010 में देश में सबसे ज्यादा टैक्स जमा करने वाले बिजनेसमैन में शुमार हैं।
प्रदीप बर्मन का बयान
वहीं इस बारे में प्रदीप बर्मन ने बयान जारी कर कहा है कि उनकी ओर से स्विस बैंक में जमा पैसा पूरी तरह से कानूनी है। उन्होंने चैनल को बताया कि जिस समय उन्होंने पैसा जमा कराया उस समय हर कानून का पालन किया है। वहीं पंकज चिमनलाल लोढिया का कहना है कि उन्हें इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है कि उनका नाम कैसे इस लिस्ट में शामिल कर लिया गया।
फिलहाल अभी करीब 51 लोगों नामों का खुलासा होना है और यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि और कितने लोग इस लिस्ट में शामिल हैं।












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