• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019: बिल को लोकसभा में पेश करने के समर्थन में 293 मत

|

नई दिल्ली। लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल 2019 के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई है। इसे गृहमंत्री अमित शाह ने पेश किया था। इस दौरान सदन में बिल पर काफी हंगामा भी देखा गया। कई विपक्षी दल बिल का विरोध कर रहे हैं। हालांकि बिल के प्रस्ताव के पक्ष में 293 मतों पड़े हैं। वहीं इसके विरोध में केवल 82 मत ही पड़े हैं।

बिल पर क्या बोले गृहमंत्री?

बिल पर क्या बोले गृहमंत्री?

नागरिकता संशोधन बिल पर गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा, आजादी के वक्त अगर कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का विभाजन न किया होता, तो ये बिल लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। तीन देशों से कोई मुस्लिम सज्जन अगर हमारे कानून के आधार पर आवेदन करता है, तो देश खुले मन से विचार करेगा। लेकिन इस बिल का फायदा उन लोगों को इसलिए नहीं मिल सकता क्योंकि उनके साथ धार्मिक प्रताड़ना नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि इन तीनों देशों से धार्मिक प्रताड़ना के आधार पर जो 6 धर्मों के लोग भारत आए हैं, उन्हें नागरिकता दी जाएगी। तीनों देशों में हिंदू, सिख, पारसी, जैन, ईसाई, बौद्ध इन धर्मों का पालन करने वालों के साथ धार्मिक प्रताड़ना हुई है। जो बिल मैं लेकर आया हूं, वो धार्मिक रूप से प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का है। इस बिल में मुसलमानों के हक नहीं छीने गए हैं।

विपक्षी दलों ने किया विरोध

विपक्षी दलों ने किया विरोध

आप के अलावा कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कई अन्य दल भी बिल का विरोध कर रहे हैं। माना जा रहा है कि लोकसभा में इस बिल को पारित कराना सरकार के लिए मुश्किल नहीं है लेकिन राज्यसभा में इस बिल को पारित कराने के लिए सरकार को गैर-एनडीए और गैर-यूपीए दलों पर निर्भर रहना होगा।

क्या है बिल?

क्या है बिल?

इस विधेयक के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। विपक्ष इस बिल का लगातार विरोध कर रहा है। इस दौरान संसद परिसर में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) सांसद बदरुद्दीन अजमल भी नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करते हुए दिखे हैं।

गुवाहाटी में दुकानें बंद

गुवाहाटी में दुकानें बंद

गुवाहाटी में भी बिल के विरोध में दुकानें बंद हैं। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा है कि वह नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करेंगे। वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों में भी व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। काफी संख्या में लोग तथा संगठन विधेयक का विरोध कर रहे हैं।

सड़क पर उतरे लोग

सड़क पर उतरे लोग

बिल के विरोध में असम के गोलाघाट में लोग सड़क पर उतर आए हैं। वहीं एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि धर्मनिरपेक्षता देश की बुनियादी संरचना का हिस्सा है। यह बिल मौलिक अधिकारों का हनन करता है। एआईयूडीएफ पार्टी जंतर मंतर पर नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।

Delhi Fire: इन 5 वजहों से हुआ इतना बड़ा हादसा, बच सकती थीं 43 जान

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Lok Sabha 82 'Noes' against citizenship Amendment Bill introduction and 293 'Ayes' in favour of introduction.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more
X