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"मां मुझे हिंदी समझ नहीं आती, घर बुला लो" फोन पर बात करने के बाद डॉक्टर ने लगा ली फांसी

By Rizwan
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    नई दिल्ली। पीजीआई चंडीगढ़ के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर कृष्ण प्रसाद रामासय के सोमवार को अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या करने को लेकर उनकी मां भुवनेश्वरी ने कहा है कि काश, वो बेटे को समझ पातीं। कृष्ण प्रसाद की मां ने कहा है कि वो बेटे की उदासी को पहचान नहीं पाईं। 24 साल के डॉक्टर की मां ने कहा कि काश मैं उसे वापस कॉल करती। कृष्ण प्रसाद ने अपनी मां को रविवार शाम को फोन किया था और वापस घर आने की बात कही थी। उसने मां से कहा था कि हिन्दी ना आने की वजह से उसे यहां रहने में काफी दिक्कत हो रही है।

    24 year old PGI doctor suicide: mother says I wish I had called him back

    भुवनेश्वरी ने बताया 'मेरा बेटा काफी पहले घर वापस आने को कह रहा था, इतवार को फोन करके भी उसने यही कहा था लेकिन हम हमेशा उसे यही कहते रहे कि मेरिट में सीट मिलने पर उसे ऐसे नहीं लौटना चाहिए। कुछ लक्त तक रुकना चाहिए और चीजों के ठीक हो जाने का इंतजार करना चाहिए' भुवनेश्वरी चंडीगढ़ में बेटे के शरीर को तमिलनाडु ले जाने के लिए आई तो उन्होंने ये बातें कहीं।

    पीजीआई के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर कृष्ण प्रसाद ने सोमवार को हॉस्टल के अपने रूम में में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। बताया गया कि वह कई दिनों से तनाव में था। मृतक मूल रूप से तमिलनाडू का रहने वाला था और दो महीने पहले ही उसने पीजीआइ में बतौर जूनियर डॉक्टर ज्वाइन किया था।

    मृतक की डयूटी पहेल मेडिसन विभाग में थी। वहां उसको परेशानी आ रही थी। इसके बाद उसे रेडियोलॉजी विभाग में शिफ्ट कर दिया गया था। साथी डॉक्टरों ने बताया कि भाषा की समस्या के कारण डॉ. कृष्ण प्रसाद पिछले कुछ दिनों से काफी तनाव में था।

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    English summary
    24 year old PGI doctor suicide: mother says I wish I had called him back

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