ग्रेटर नोएडा: चारा नहीं मिलने से गौशाला में 200 गायों की मौत
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक गौशाला में पिचले 2 महीने के दौरान करीब 200 गायों के मरने का मामला सामने आया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 इलाके में स्थित जलपुरा गांव में गऊलोक नामक एक गौशाला है। बता दें कि कुछ दिनों पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अथॉरिटीज को आदेश दिया था कि वह सड़कों पर आवारा घूम रहीं गायों को शेल्टर पहुंचाए।

गायों की संख्या बढ़ने से चारे की हो गई कमी
ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलेपमेंट अथॉरिटी ने 1 जनवरी से लेकर 7 मार्च के बीच करीब 800 गायों को यहां शिफ्ट भेज दिया। जबकि यहां 400 गाय पहले से ही गौशाला में थी। बताया जा रहा है कि गौशाला में गायों की संख्या बढ़ने के बाद चारे की कमी हो गई, देखभाल करने में दिक्कत होने लगी क्योंकि गौशाला में कुल 26 लोगों का स्टाफ है। इस बीच गौशाला की गय बीमार होने लगी और देखते ही देखते 200 गायें मर गईं।

स्टाफ बोला-बीमारियों से हुई गायों की मौत
गौशाला के स्टाफ का कहना है कि गायों की मौत विभिन्न प्रकार की बीमारियों से हुई हैं। स्टाफ की ओर से गायों की पूरी देखरेख की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ गायों के मरने के पीछे उनका घायल होना भी है, क्योंकि गौशाल में गाय एक दूसरे से लड़ती रहती थी, जिसकी वजह से कुछ चोटिल हुई और फिर बीमार होकर मर गई। इसके अलावा कुछ गाय प्राकृतिक कारणों से भी मर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अथॉरिटी की ओर से गौशाला को कोई फंड नहीं मिलता है।

अथॉरिटी की ओर से नहीं मिला फंड
गौशाला स्टाफ के हेड स्टाफ नगेंद्र कुमार का कहना है कि जब गौशाल में 450 गाये थी तब यहां पर हर रोज 2800 किलो ग्राम चारे की खपत थी लेकिन जैसे ही गौशाला में गायों की संख्या बढ़ी तो हमने 7000 किलोग्राम चारा खरीदना शुरू किया था। जबकि अथॉरिटी की ओर से गौशाल के लिए कोई फंड भी नहीं मिला है। जबकि अथॉरिटी ने कहा कि वो इसके लिए अलग से जमीन और पांच लाख रुपए देगा लेकिन अभी तक कोई फंड प्राप्त नहीं हुआ है।
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