मुंबई के मुजरिम: ताहिर-फिरोज को फांसी, अबू सलेम को उम्रकैद, जानिए किसका क्या था रोल?

मुंबई। आखिरकार आज 24 साल बाद वो घड़ी आई जब मायानगरी के गुनाहगारों को सजा सुनाई गई है, ये वो नापाक लोग हैं जिसने 24 घंटे हंसने खेलने वाली मुंबई को खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया था। आपको बता दें कि 12 मार्च, 1993 को मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के केस में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

गुरूवार को विशेष टाडा अदालत ने उसे इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड मानते हुए 2 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी और करीमुल्लाह शेख को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, एक अन्य दोषी मुस्तफा दोसा का दिल का दौरा पड़ने से पहले ही मौत हो चुकी है।

आइए जानते हैं इन नापाक लोगों ने कैसे खेली थी मुंबई में खून की होली...

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    अबू सलेम

    अबू सलेम

    ये मुंबई ब्लास्ट का मुख्य साजिशकर्ता का था। इसी ने मुंबई में खून की होली खेलने का प्लान बनाया था। गुजरात से अबू 9 एके-56, 100 हैंड ग्रेनेड और गोलियां लेकर आया था। सलेम एक मारुति वैन के अंदर यह सामान छुपाकर गुजरात से भरूच लाया था। यह मारुति वैन रियाज सिद्दीकी ने मुहैया कराई थी। वैन संजय दत्त के घर पर गई थी। 16 जनवरी 1993 को सलेम दो और लोगों के साथ मिलकर संजय दत्त के घर 2 एके-56 राइफलें और 250 गोलियां छोड़कर आया था। दो दिन बाद उसने यह हथियार वहां से उठा लिया था। सलेम को हमले के लिए गुजरात से हथियार मुंबई लाने-बांटने, साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों में शामिल रहने का दोषी पाया गया गया था।

    मुस्तफा दोसा

    मुस्तफा दोसा

    मुस्तफा दोसा की मौत हो चुकी है, उसे दिल का दौरा पड़ा था, उसे पहले से मधुमेह की बीमारी थी। उसने ही दुबई से हथियार और विस्फोटक मुंबई भिजवाए थे और धमाकों की साजिश की पहली मीटिंग इसी के घर पर हुई थी।

    ताहिर मर्चेंट

    ताहिर मर्चेंट

    इसने ही धमाकों के लिए पैसे का इंतजाम किया था। यही नहीं इसने कई आरोपियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भिजवाया था और इसी वजह से उसे आज फांसी की सजा हुई है।

    ये हैं मुंबई के मुजरिम

    ये हैं मुंबई के मुजरिम

    • फिरोज राशिद खानः दुबई में साजिश के लिए मीटिंग में शामिल हुआ था। हथियार और विस्फोटक लाने में मदद की थी।
    • करीमुल्लाह शेखः अपने दोस्त को पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग दिलवाई. हथियार और विस्फोटक लाने में मदद की।
    • अब्दुल कय्यूम: दाऊद इब्राहिम के दुबई दफ्तर में मैनेजर था, हालांकि, इसे सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।
    • मो. दोसाः अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी और हमले की साजिश को अंजाम देने में मददगार था।
    • 257 लोगों की मौत

      257 लोगों की मौत

      गौरतलब है कि 12 मार्च, 1993 को मुंबई में एक के बाद एक 12 बम धमाके हुए थे, जिसमें 257 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। बताया जाता है कि धमाकों में 27 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हुई थी। इस मामले में 129 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। साल 2015 में याकूब मेमन को फांसी की सजा दी गई थी।

      जानिए कहां हुए थे 12 धमाके ?

      जानिए कहां हुए थे 12 धमाके ?

      • पहला धमाका- दोपहर 1.30 बजे, मुंबई स्टॉक एक्सचेंज
      • दूसरा धमाका- दोपहर 2.15 बजे, नरसी नाथ स्ट्रीट
      • तीसरा धमाका- दोपहर 2.30 बजे, शिव सेना भवन
      • चौथा धमाका- दोपहर 2.33 बजे, एयर इंडिया बिल्डिंग
      • पांचवां धमाका- दोपहर 2.45 बजे, सेन्चुरी बाजार
      • छठा धमाका- दोपहर 2.45 बजे, माहिम
      • सातवां धमाका- दोपहर 3.05 बजे, झवेरी बाजार
      • आठवां धमाका- दोपहर 3.10 बजे, सी रॉक होटल
      • नौवां धमाका- दोपहर 3.13 बजे, प्लाजा सिनेमा
      • दसवां धमाका- दोपहर 3.20 बजे, जुहू सेंटूर होटल
      • ग्यारवां धमाका- दोपहर 3.30 बजे, सहार एयरपोर्ट
      • बारहवां धमाका- दोपहर 3.40 बजे, एयरपोर्ट सेंटूर होट

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