चेन्नई की OTA में तैयार हुईं अफगानिस्तान की 19 आयरन लेडीज, अब देश में दुश्मनों से लेंगी मोर्चा
चेन्नई। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में इन दिनों अफगानिस्तान से आई19 लेडी ऑफिसर्स न सिर्फ भारत और अफगानिस्तान के बीच मजबूत रिश्तों की गवाह बनीं, बल्कि इन सभी ने दक्षिण एशिया के एक रुढ़िवादी देश में हो रहे बदलाव की कहानी को भी पिछले दिनों बयां किया हैं। इन सभी युवा ऑफिसर्स को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में खास तरह कॉम्बेट ट्रेनिंग दी गई है। ऑफिसर्स न सिर्फ कड़ी फिजिकल ट्रेनिंग में अपनी महारत साबित कर रही हैं बल्कि इन्हें ड्रिल, हथियार चलाने की ट्रेनिंग, टैक्टिकल ट्रेनिंग, लीडरशिप और ह्यूमन रिसोर्सेज के साथ ही साथ कंप्यूटर ट्रेनिंग भी हासिल की।

इंग्लिश से लेकर कंप्यूटर तक की क्लासेज
इन ऑफिसर्स को इंग्लिश कम्यूनिकेशन की क्लासेज भी दी जा रही हैं। इंडियन आर्मी की ऑफिसर्स अनुराधा और ऋतु जसवाल को इन युवा आफिसर्स की मदद के लिए तैनात किया गया है। ये दोनों इंडियन आर्मी ऑफिसर्स इंग्लिश भाषा में लिखे किसी लेक्चर को अफगानिस्तान की भाषा जैसे दारी और पश्तो में ट्रांसलेट करके देती हैं। अफगानिस्तान की इन लेडी ऑफिसर्स की टीम को लेफ्टिनेंट मोनिका अलाम्यार लीड कर रही हैं। मोनिका पिछले पांच वर्षों से अफगान नेशनल आर्मी को अपनी सेवाएं दे रही हैं। अभी तक करीब 400 युवा लड़कियों को मोनिका से ट्रेनिंग मिल चुकी है।

चेन्नई की संस्कृति ने जीता दिल
अफगान आर्मी की दो यंग ऑफिसर्स 19 वर्ष की जुहारा नबीजादा और 20 वर्ष की हसीना नाजीबी काबुल की एयरफोर्स यूनिवर्सिटी से एयरक्राफ्ट पायलट कोर्स को पूरा कर चुकी हैं। अब दोनों का सेलेक्शन अफगान एयरफोर्स में बतौर फाइटर पायलट हुआ है। जुहारा और हसीना को चेन्नई आकर काफी अच्छा लग रहा है। दोनों को चेन्नई का नयापन बहुत लुभा रहा है। दोनों मरीना बीच घूम चुकी हैं। इनकी मानें तो चेन्नई के बीच, यहां की संस्कृति और यहां के लोग उनके लिए एकदम नया अनुभव हैं। अफगानिस्तान में समंदर नहीं है और चेन्नई की यही बात दोनों का दिल जीत चुकी है। दोनों ट्रेनिंग के बाद मरीना बीच जाकर पानी पूरी का लुत्फ भी उठाती हैं। जुहारा को बॉलीवुड की फिल्में काफी पसंद हैं और वह कहती हैं कि घर पर वह अक्सर हिंदी फिल्में देखती हैं।

चार हफ्तों तक चली अफगान ऑफिसर्स की ट्रेनिंग
ओटीएस का शेड्यूल काफी सख्त है और यहां पर मार्शल आर्ट्स से लेकर फायरिंग की ट्रेनिंग इन लेडी ऑफिसर्स को दी जा रही है। हालांकि 26 दिसंबर को ट्रेनिंग खत्म हो चुकी है। इंडियन आर्मी की एजुकेशन कोर में कर्नल आशीष मिश्रा ने बताया कि साल 2017 में करीब 20 अफगान लेडी ऑफिसर्स को तीन हफ्तों तक की ट्रेनिंग दी गई थी। इस वर्ष ऑफिसर्स को करीब चार हफ्तों तक की ट्रेनिंग दी गई। इन ऑफिसर्स की जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग मॉड्यूल डिजाइन किया गया था।












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