हिमाचल में वीरभद्र नहीं लड़ेंगे चुनाव! सीट को किया बेटे के हवाले

शिमला। आखिर काफी ना-नुकुर के बाद पुत्र मोह में फंसे वीरभद्र सिंह को अपना चुनाव क्षेत्र शिमला ग्रामीण छोड़ना ही पड़ा। इस बार शिमला ग्रामीण से वीरभद्र सिंह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपनी जगह अपने बेटे का एक तरह से राजतिलक करते हुये कांग्रेस का अगला प्रत्याशी घोषित कर दिया है। हलांकि उन्होंने अपने चुनाव लड़ने के बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा। शिमला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की ओर से पीटरहाफ में आयोजित समारोह में वीरभद्र सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि वह यहां से चुनाव नहीं लड़ेंगे व उनकी जगह उनका बेटा विक्रमादित्य सिंह इस बार चुनाव लड़ेगा। वीरभद्र सिंह के इस सार्वजनिक ऐलान से कांग्रेस में हड़कंप का माहौल है। चूंकि प्रदेश कांग्रेस का सारा दारोमदार जिस चेहरे पर है, अगर वह ही चुनाव नहीं लड़ेगा तो पार्टी का भविष्य क्या होगा। यह सवाल अब उठना शुरू हो गया है।

वीरभद्र सिंह ने परंपरागत सीट को किया बेटी के हवाले

वीरभद्र सिंह ने परंपरागत सीट को किया बेटी के हवाले

वीरभद्र सिंह पिछले अरसे से पार्टी पर दवाब बनाये हुये हैं कि चुनाव से पहले पार्टी अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू को उनके पद से हटाया जाये व सुक्खू की जगह उनकी पसंद का अध्यक्ष बनाया जाये। उन्होंने धमकी दी है कि उनकी बात न मानी गई तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसी कड़ी में अब वीरभद्र सिंह ने अपना पहला कदम उठाते हुये अपनी पंरपरागत सीट से चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है।

वीरभद्र सिंह चुनाव मैदान छोड़ने का एलान ऐसे समय में किया है, जब दो दिन बाद राहुल गांधी हिमाचल के नेताओं से बैठक करने जा रहे हैं। दरअसल वीरभद्र सिंह ने अपने मन की बात को सार्वजनिक कर एक बार फिर पार्टी पर अपना दबाव बढ़ा दिया है। चूंकि अभी तक उन्होंने यह नहीं कहा है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। वह अपने चुनाव क्षेत्र से अपने बेटे को चुनाव लड़वाना चाहते हैं। हालात उनके अनूकूल रहे तो वह किसी दूसरे चुनाव क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। यह विकल्प अभी भी खुला है।

वीरभद्र ने कहा, उनके आराम करने का समय

वीरभद्र ने कहा, उनके आराम करने का समय

हलांकि छठी बार हिमाचल प्रदेश की कमान संभाल रहे सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा है कि वह अब चुनाव नहीं लड़ने चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब आराम करने का समय आ गया है। सीएम ने कहा कि उनका बेटा विक्रमादित्य सिंह शिमला ग्रामीण से चुनाव लड़ें। सीएम ने अपना संबोधन ही विक्रमादित्य सिंह की सराहना से शुरू की और यहां तक कह दिया कि विक्रमादित्य सिंह बतौर प्रत्याशी सर्वगुण संपन्न हैं। सीएम ने कहा-विक्रमादित्य सिंह युवा, जोश-होश है और परिपक्वता से लबरेज हैं। उन्होंने शिमला ग्रामीण की जनता से आह्वान किया कि यदि आप विक्रमादित्य सिंह मौका देंगे तो पछताएंगे नहीं। सीएम ने सब को भरोसा दिलाते हुये कहा कि विक्रमादित्य सिंह की उम्र भले ही कम है, लेकिन सोच और समझ बड़ों से ज्यादा है। वह सबकी सेवा करेगा और साथ लेकर चलेगा यह क्षमता विक्रमादित्य सिंह में आ चुकी है।

कांग्रेस पर दबाव डालने की रणनीति

कांग्रेस पर दबाव डालने की रणनीति

सीएम ने कहा कि युवाओं को आगे आने का मौका मिलना चाहिए। आज से यह आप का प्रत्याशी है और मुझे कई जगहों से चुनाव लडऩे का न्योता मिल रहा है और कहीं से भी लड़ सकता हूं। जो समय आने पर देखा जाएगा। सीएम ने यह भी कहा कि शिमला ग्रामीण आदर्श विधान सभा बनकर उभरी है, जिसमें करीब साढ़े 11 सौ करोड़ का विकास कार्य हुआ है। उधर. विक्रमादित्य सिंह ने कहा-शिमला ग्रामीण में सीएम वीरभद्र सिंह ने अभूतपूर्व विकास कार्य हुआ है। ऐसे में सभी लोगों को एक मंच पर लाने के लिए महासम्मेलन का आयोजन किया गया। साथ ही चुनाव रणनीति बनाई गई। महासम्मेलन में शिमला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी ने प्रस्ताव पारित कर विक्रमादित्य सिंह को प्रत्याशी बनाने का फैसला लिया। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि कोई भी प्रत्याशी हो, लेकिन चुनाव जीतना हमारी प्राथमिकता होगी। साथ ही उन्होंने इशारों ही इशारों में कहा कि कुछ लोगों की करनी और कथनी में काफी फर्क है जो कि पार्टी हित में नहीं है हम सबको ऐसी सोच से बचने की जरूरत है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पार्टी हाईकमान पर जो फैसला लिया जाएगा, वह मान्य होगा। भारी मत से जीतना हमारी प्राथमिकता है।

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