हिमाचल कांग्रेस में बैकफुट पर सुक्खू, वीरभद्र को चुनावी कमान
शिमला। आखिर हिमाचल कांग्रेस में पार्टी अध्यक्ष व सीएम वीरभद्र सिंह के बीच चल रहा घमासान राहुल गांधी के दखल के बाद खत्म होता नजर आ रहा है। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद वीरभद्र सिंह ने भी यह बात कबूली है कि अब सब कुछ सामान्य है। वहीं सुक्खू ने भी सार्वजनिक तौर पर मान लिया है कि चुनावों में प्रचार की कमान वीरभद्र सिंह के पास ही होगी।

हिमाचल कांग्रेस में लौटा अमन-चैन
हिमाचल कांग्रेस में अब अमन चैन लौट आया है। एक ओर सुक्खू जहां बैकफुट पर हैं तो वीरभद्र सिंह नये जोश के साथ चुनावी मैदान में डट गये हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान वीरभद्र सिंह के दबाव के आगे झुकने को मजबूर हुआ है। राहुल गांधी की ओर से वीरभद्र सिंह को बाकायदा दिल्ली बुलाया गया था। दिल्ली पहुंचते ही हालात बदले व सुक्खू के साथ खड़े नजर आ रहे परिवहन मंत्री जीएस बाली पाला बदल वीरभद्र सिंह के संग हो गये जिससे सुक्खू कमजोर पड़ गये व पार्टी को वीरभद्र सिंह की बात माननी पड़ी। राहुल गांधी के साथ बैठक में सीएम के साथ पार्टी प्रभारी सुशील कुमार शिन्दे , सह प्रभारी सांसद रंजीत रंजन भी मौजूद रहे।

पद पर बने रहेंगे सुक्खू
हलांकि फिलवक्त सुक्खू को अध्यक्ष पद से हटाया नहीं जायेगा। लेकिन पार्टी में अब सुक्खू की नहीं वीरभद्र की चलेगी। इस बात की सहमति मिल गई है। वीरभद्र सिंह के बुलावे पर राहुल गांधी 7 अक्तूबर को हिमाचल आ रहे हें। राहुल गांधी की रैली की जिम्मेवारी भी वीरभद्र सिंह को ही दी गई है। यानि एक तरह से पार्टी अध्यक्ष सुक्खू को किनारे कर दिया गया है। करीब एक घंटे की इस मुलाकात में वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस राज्य इकाई की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने राहुल गांधी से साफ कहा कि सुक्खू के काम करने का जो तरीका है, उसमें उनके लिए काम करना मुश्किल हो रहा है।

वीरभद्र सिंह को बड़ी जिम्मेदारी
सूत्र बता रहे हैं कि लंबी चर्चा में वीरभद्र सिंह ने जहां अपना और अपने बेटे का टिकट सुनिश्चित करने की बात कही, वहीं संगठन में 2 कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हिमाचल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया। सूत्रों की मानें तो सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यकारिणी में वीरभद्र सिंह को भी हिस्सेदारी के लिए हाईकमान राजी हो गया है और उनकी पसंद के किसी नेता को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

राहुल गांधी से सीएम वीरभद्र ने कहा
वीरभद्र सिंह ने संगठन की कार्यप्रणाली का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से प्रदेश कांग्रेस को चुनावी वर्ष में कार्य करना चाहिए, उस तरह से अभी तक धरातल पर कुछ भी दिखाई नहीं दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिमाचल में कांग्रेस विकास कार्यों के नाम पर चुनावों में बेहतर स्थिति में है, ऐसे में यदि संगठन की तरफ से पूरा सहयोग मिलता है तो पार्टी का मिशन रिपीट करना तय है। मुख्यमंत्री ने पार्टी से जुड़े उन तथ्यों को भी राहुल गांधी के समक्ष रखा, जिनसे चुनाव में नुक्सान हो सकता है। पार्टी सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने एक परिवार से एक टिकट के मसले पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में कई ऐसे नेता हंै, जिनके परिवार से दूसरे नेता भी चुनाव जीतने की क्षमता रखते हैं, ऐसे में पार्टी को सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए टिकट आवंटित करने होंगे। इसके साथ ही चुनाव को लेकर गठित की जाने वाली प्रचार-प्रसार व अन्य कमेटियों के गठन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री से समय रहते टिकट आबंटन किए जाने का मामला भी उठाया। सूत्रों की मानें तो अभी पार्टी हाईकमान मुख्यमंत्री को फ्री हैंड देने पर सहमत नहीं है।












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